Gandmool Nakshatra क्या है, जानें इनमें जन्मे बालक कैसे होते है
Published by : Shaurya Punj Updated At : 20 Feb 2024 5:20 PM
Gandmool Nakshatra क्या है, जानें इनमे जन्मे बालक कैसे होते है
Gandmool Nakshatra: ज्योतिषशास्त्र में कुल 27 नक्षत्र है इसमें कुछ नक्षत्र को शुभ तथा कुछ नक्षत्र को अशुभ माना जाता है. जिन नक्षत्र में जन्मे जातक का प्रभाव सकारात्मक प्रभाव में हो तो उनके विचार अलग -अलग होंगे इस नक्षत्र में जन्मे बालक जिस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है उनमें खूब सफलता मिलती है.
Gandmool Nakshatra: गण्डमूल नक्षत्र में कुल 6 नक्षत्र आते है. पहला नक्षत्र अश्वनी,दूसरा अश्लेशा, तीसरा है मघा, चौथा ज्येष्ठा, पांचवा मूल, छठा रेवती है, इस नक्षत्र में जन्मे बालक माता पिता कुल तथा अपना नाश करने वाला होता है ,यदि अपना शरीर नष्ट होने से बच जाय तो धन भवन भूमि तथा ऐश्वर्य के स्वामी होते है , गण्डमूल नक्षत्र में उत्पन बालक को 6 माह या 27 दिन तक पिता का दर्शन नहीं करना चाहिए इन नक्षत्र में जन्मे किसी भी नक्षत्र में जन्म हुआ है उस नक्षत्र का शांति कराके शास्त्रविधि अनुसार बालक का मुख देखना चाहिए.
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आइए जानते है गण्डमूल नक्षत्र के कौन से नक्षत्र में जन्मे बालक कष्टकारी होते है
(1) अश्वनी और मघा ,मूल नक्षत्र नक्षत्र के प्रथम चरण और अश्लेशा और ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म हुआ हो तब वयोक्ति स्वयं के जीवन के लिए तथा माता -पिता के जीवन के लिए अशुभ और दुखदाई होता है .इन नक्षत्र में जन्मे बालक का आयु 20 वर्ष की हो जाय वह बहुत ही विख्यात होते है.
(2) अश्लेशा नक्षत्र के पहला चरण में जन्म हुआ हो पिता के लिए कष्टकारी ,दुसरे चरण में माता के लिए कष्टकारी होता है चरण में धन का नाश होगा ,चौथा चरण में शांति से शुभ होता है.
(3) मघा के पहला और दूसरा चरण में माता पिता को काष्ठ मिलता है बाकी तीसरा और चौथा चरण में उत्तम सुख मिलेगा.
(4) ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रथम तथा द्वितीय चरण का जन्म हुआ है वह बालक बड़े भाई तथा छोटे भाई के जीवन के लिए अशुभ तथा कष्टकारी होता है,
(5) मूल नक्षत्र के पहला से तीसरा चरण तक अगर जन्म हुआ है कष्टकारी होता है ,पहला चरण में पिता का कष्ट ,दुसरे चरण में माता के लिए कष्ट तीसरे चरण में धन का नाश होगा,चौथा चरण में शांति से शुभ होता है.
(6) रेवती नक्षत्र के चतुर्थ चरण के बालक का जन्म हुआ है तब बालक के लिए अशुभ तथा कष्टकारी होता है .
गण्डमूल नक्षत्र के कौन से नक्षत्र में जन्मे बालक समृद्धि से भरपूर होता है
(7)मघा नक्षत्र के तीसरा और चौथा चरण में जन्मे बालक सभी तरह से पूर्ण होते है.
(8)रेवती नक्षत्र के दुसरे तथा तीसरे चरण में जन्म हुआ है बालक धन ,धन्य से परिपूर्ण होता है.
उपाय
गण्डमूल नक्षत्र में जन्मे बच्चे के नक्षत्र का प्रभाव दूर करने के लिए उस नक्षत्र की शांति करवानी चाहिए जिस नक्षत्र में बालक जन्म हुआ हो गण्डमूल नक्षत्र की शांति 27 दिन में उस नक्षत्र में शांति करा ले लाभ होगा .
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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