नई कार की डिलीवरी लेने से पहले किन-किन चीजों को करें चेक? नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Edited by Ankit Anand
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कार की डिलीवरी लेने से पहले कार को चेक करता एक आदमी (Photo: AI Generated)

Car Pre Delivery Inspection: नई कार घर लाने की खुशी अलग ही होती है, लेकिन जल्दबाजी महंगी पड़ सकती है. डिलीवरी से पहले कुछ चीजों को चेक करना जरूरी होता है. कार की कंडीशन, फीचर्स, टायर जैसी चीजों को जरूर चेक करें, ताकि आपको आगे चल कर किसी तरह की परेशानी न हो.

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नई कार खरीदना एक खास पल होता है. लेकिन सिर्फ पेमेंट करने और कागजी प्रोसेस पूरी करने से काम खत्म नहीं हो जाता. कार की डिलीवरी लेने से पहले Pre-Delivery Inspection (PDI) करना बेहद जरूरी है. इससे आप यह जांच सकते हैं कि आपकी नई गाड़ी पूरी तरह सही हालत में है, उसमें कोई खामी नहीं है और आपको वही कार मिल रही है, जिसका वादा बुकिंग के समय किया गया था. आइए जानते हैं फिर डिलीवरी लेने से पहले आपको किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

एक्सटीरियर चेक करें 

नई कार लेते समय सबसे पहले उसकी एक्सटीरियर को देखें. कार को नेचुरल लाइट में देखें, ताकि पेंट पर मौजूद किसी भी तरह के स्क्रैच, डेंट या रीपेंटिंग के निशान आसानी से नजर आ जाएं. इसके बाद दरवाजों, बोनट और बूट के बीच दिए गए पैनल गैप्स पर गौर करें. अगर कहीं गैप ज्यादा या कम दिखे, तो यह पहले हुए किसी नुकसान या असेंबली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. साथ ही, हेडलाइट्स, टेल लैंप, ORVMs और अलॉय व्हील्स को भी अच्छी तरह चेक करे लें.

इंटीरियर चेक करें

एक्सटीरियर के बाद बारी आती है इंटीरियर की. केबिन में बैठते ही सीटों की अपहोल्स्ट्री, डैशबोर्ड और डोर ट्रिम्स को ध्यान से देखें कि कहीं कोई कट, दाग या टूट-फूट तो नहीं है. इसके बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स को एक-एक करके जरूर चेक करें. इंफोटेनमेंट सिस्टम, टचस्क्रीन, पावर विंडो, सेंट्रल लॉकिंग और एयर कंडीशनिंग सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह चेक कर लें. साथ ही, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर नजर डालें. अगर कोई वार्निंग लाइट जल रही है, तो उसे बिल्कुल इग्नोर न करें.

VIN और इंजन नंबर मैच करें

VIN (Vehicle Identification Number ) और इंजन नंबर को गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स से मैच करना बेहद जरूरी है. डीलर जो पेपर्स दे रहा है, उनमें दर्ज नंबर और गाड़ी पर मौजूद नंबर बिल्कुल एक जैसे होने चाहिए. साथ ही, कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट भी जरूर चेक करें, ताकि आपको पुराना स्टॉक न थमा दिया जाए.

टायर के कंडीशन देख लें

गाड़ी लेते समय अक्सर लोग टायर चेक करना भूल जाते हैं. जबकि आपकी सेफ्टी का सबसे बड़ा जिम्मा इन्हीं पर होता है. सबसे पहले टायर की साइडवॉल पर दी गई मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर देखें. सभी टायर बिल्कुल नए होने चाहिए, उन पर किसी भी तरह का कट, क्रैक या घिसाव नहीं होना चाहिए. साथ ही, स्पेयर टायर को भी नजरअंदाज न करें. यह अपनी जगह पर मौजूद हो और पूरी तरह इस्तेमाल के लिए तैयार होना चाहिए.

एक्सेसरीज और डॉक्यूमेंट्स चेक कर लें

फाइनल डिलीवरी के समय सभी एक्सेसरीज और डॉक्यूमेंट्स को अच्छी तरह चेक करें. यह जांच लें कि फ्लोर मैट्स, टूल किट, स्पेयर की और यूजर मैनुअल सही-सलामत मिले हैं. साथ ही, इनवॉइस, इंश्योरेंस पेपर्स, वारंटी बुकलेट और रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स भी ध्यान से चेक कर लें.

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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