कार की माइलेज बढ़ानी है? ये 7 गलतियां तुरंत छोड़ दें, बचेगा पेट्रोल-डीजल

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कार माइलेज टिप्स / एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

कई ड्राइवर अनजाने में रोजाना ईंधन बर्बाद करते हैं. टायर प्रेशर, ड्राइविंग स्टाइल, गलत गियर और खराब मेंटेनेंस जैसी छोटी गलतियां आपकी कार की माइलेज पर बड़ा असर डाल सकती हैं.

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क्या आपकी कार जरूरत से ज्यादा पेट्रोल या डीजल पी रही है? ज्यादातर लोग बढ़ती ईंधन कीमतों का दोष सीधे वाहन या ट्रैफिक को देते हैं, लेकिन कई बार असली वजह हमारी अपनी ड्राइविंग आदतें होती हैं. ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोजमर्रा की कुछ छोटी गलतियां कार की माइलेज को 10 से 30 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकती हैं. अच्छी बात यह है कि बेहतर माइलेज पाने के लिए नई कार खरीदने की जरूरत नहीं है. केवल कुछ आदतों में बदलाव करके भी ईंधन की बचत की जा सकती है.

तेज एक्सीलरेशन और बार-बार ब्रेक लगाने से बढ़ती है खपत

कई ड्राइवर सिग्नल खुलते ही तेजी से एक्सीलरेट करते हैं और फिर कुछ दूरी पर अचानक ब्रेक लगा देते हैं. यह तरीका न केवल ड्राइविंग को असहज बनाता है बल्कि इंजन पर भी अतिरिक्त दबाव डालता है. जब कार को अचानक गति दी जाती है तो इंजन ज्यादा ईंधन का इस्तेमाल करता है. वहीं बार-बार ब्रेक लगाने से बनाई गई गति बेकार चली जाती है. स्मूद और संतुलित ड्राइविंग माइलेज बढ़ाने का सबसे आसान तरीका माना जाता है.

टायर प्रेशर की अनदेखी पड़ सकती है महंगी

कार के टायर सड़क से लगातार संपर्क में रहते हैं और उनका सही प्रेशर माइलेज पर सीधा असर डालता है. कम हवा वाले टायर सड़क पर ज्यादा घर्षण पैदा करते हैं, जिससे इंजन को वाहन चलाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ महीने में कम से कम एक बार टायर प्रेशर जांचने की सलाह देते हैं. हमेशा वाहन निर्माता द्वारा बताए गए प्रेशर का ही पालन करना चाहिए.

लंबे समय तक इंजन चालू रखना भी नुकसान का सौदा

कई लोग किसी का इंतजार करते समय या लंबे सिग्नल पर कार का इंजन चालू छोड़ देते हैं. इससे वाहन खड़ा रहने के बावजूद ईंधन खर्च होता रहता है. आधुनिक कारों में इंजन को दोबारा स्टार्ट करने में बहुत कम ईंधन लगता है. इसलिए यदि रुकने का समय एक मिनट से ज्यादा है तो इंजन बंद करना बेहतर विकल्प हो सकता है.

कार में अतिरिक्त वजन और खराब एयरोडायनामिक्स का असर

अक्सर कार की डिक्की में ऐसे सामान पड़े रहते हैं जिनकी जरूरत नहीं होती. अतिरिक्त वजन इंजन पर बोझ बढ़ाता है और माइलेज घटा सकता है. इसके अलावा रूफ कैरियर या हाई स्पीड पर खुले शीशे भी हवा के प्रतिरोध को बढ़ाते हैं. इससे कार को आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है. लंबी दूरी की यात्रा में यह अंतर काफी बड़ा हो सकता है. यह भी पढ़ें: कार में हमेशा रखें ये 5 जरूरी चीजें, इमरजेंसी में आएंगी काम

सर्विसिंग और सही गियर का भी है बड़ा रोल

अगर एयर फिल्टर गंदा हो, इंजन ऑयल पुराना हो या स्पार्क प्लग खराब स्थिति में हों तो कार की कार्यक्षमता प्रभावित होती है. नियमित सर्विसिंग न केवल इंजन की सेहत बनाए रखती है बल्कि बेहतर माइलेज भी सुनिश्चित करती है. वहीं गलत गियर में ड्राइविंग करना भी ईंधन की बर्बादी का कारण बनता है. कम स्पीड पर ऊंचा गियर और ज्यादा स्पीड पर लो गियर इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालता है.

किस स्पीड पर मिलती है सबसे बेहतर माइलेज?

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश कारें 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के बीच सबसे अच्छी ईंधन दक्षता देती हैं. इसके बाद जैसे-जैसे स्पीड बढ़ती है, ईंधन की खपत भी तेजी से बढ़ने लगती है. हाईवे पर लगातार बहुत तेज रफ्तार से चलने पर माइलेज में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है.

ईंधन बचत केवल कार की तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि ड्राइवर की आदतों पर भी उतनी ही निर्भर करती है. यदि सही तरीके से ड्राइविंग की जाए और वाहन की समय-समय पर देखभाल की जाए, तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के माइलेज में अच्छा सुधार किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: इन 4 नंबरों में छिपी है टायर की पूरी कुंडली, 1 मिनट में जानें बदलने का सही समय

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

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जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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