इजरायल का मिसाइल स्टॉक होने लगा खाली, ईरान के डर से बचा रहा घातक इंटरसेप्टर

Author Govind jee
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इजरायल की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तस्वीर.

Israel-Iran War: ईरान के साथ जारी जंग के बीच इजरायल का मिसाइल भंडार (स्टॉक) खाली होने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक, तेल अवीव अब अपनी सबसे घातक मिसाइलों को बड़े हमलों के लिए बचा रहा है. इस बीच, ईरानी क्लस्टर बमों ने इजरायली शहरों में भारी तबाही मचाई है, जिससे डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं.

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Israel-Iran War: इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच गई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अब अपने सबसे एडवांस मिसाइल इंटरसेप्टर्स का इस्तेमाल कम कर दिया है. लगातार हो रहे हमलों की वजह से इजराइल के पास इनका स्टॉक कम होने लगा है, इसलिए वह इन्हें सिर्फ बड़े खतरों के लिए बचाकर रख रहा है.

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महंगे इंटरसेप्टर्स की कमी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हवा में मिसाइल को मार गिराने वाले इंटरसेप्टर्स की संख्या सीमित होती है. इजरायल के पास ‘एरो’ जैसे हाई-एंड सिस्टम हैं, जो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकते हैं. अब स्टॉक बचाने के लिए इजरायल आयरन डोम और डेविड स्लिंग जैसे कम दूरी वाले सिस्टम को अपग्रेड करके इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि, ये सिस्टम हर बार लंबी दूरी की मिसाइलों को रोकने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं.

  • आयरन डोम शॉर्ट-रेंज की मिसाइलों और रॉकेट्स (4 से 70 किमी) को हवा में ही खत्म करने वाला दुनिया का सबसे भरोसेमंद डिफेंस सिस्टम है.
  • डेविड स्लिंग मीडियम से लॉन्ग-रेंज की मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों (40 से 300 किमी) को ट्रैक करके मार गिराने के लिए इस्तेमाल होता है.

मिसाइलें गिरने से बढ़ रहा है नुकसान

हाल ही में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल के डिमोना और अराद जैसे शहरों में गिरी हैं. ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को हुए हमले में क्लस्टर बम (एक ऐसा हथियार है जिसमें एक मुख्य मिसाइल या गोले के अंदर दर्जनों या सैकड़ों छोटे बम (सब-म्यूनिशन) भरे होते हैं, जो हवा में फटते ही एक बड़े इलाके में बिखर जाते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके) वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था. इसमें छोटे-छोटे कई बम (सब-म्यूनिशन) होते हैं जो बड़े इलाके में फैल जाते हैं. इस हमले में एक 60 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं.

दुनियाभर में हथियारों की किल्लत

CSIS के मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर टॉम कराको के मुताबिक, इजरायल ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इन इंटरसेप्टर्स की कमी हो रही है. इन्हें बनाने में सालों लगते हैं, लेकिन युद्ध में ये कुछ ही हफ्तों में खत्म हो रहे हैं. खाड़ी देश जैसे यूएई, कतर और बहरीन भी अब अपनी सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम की मांग कर रहे हैं.

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ईरान ने 450 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं

इजरायल के दावों के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक ईरान ने 450 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें (बैलिस्टिक मिसाइल वह रॉकेट संचालित हथियार है जो लॉन्च होने के बाद अंतरिक्ष की ऊंचाई तक जाता है और फिर बिना इंजन की शक्ति के केवल ग्रेविटी के सहारे अपने लक्ष्य पर एक चाप (आर्क) बनाते हुए तेजी से गिरता है) दागी हैं. 

इनमें से 92% मिसाइलों को इजरायल ने आबादी वाले इलाकों में गिरने से पहले ही रोक दिया है. हालांकि, 30 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां क्लस्टर बम वाली मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरी हैं. इस बीच, इजरायली सेना (IDF) ने सेंट्रल ईरान में अराक हैवी वाटर प्लांट पर हमला किया है, जिसे ईरान के परमाणु प्रोग्राम का अहम हिस्सा माना जाता है.

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