NEET पेपर लीक कांड में राजद नेता गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने खोला फर्जीवाड़े का राज

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 May 2026 6:08 PM

विज्ञापन

नीट पेपर लीक मामले में आरजेडी महासचिव गिरफ्तार

NEET Paper Scam: नीट परीक्षा और MBBS एडमिशन के नाम पर छात्रों व उनके परिवारों से लाखों रुपये ठगने वाले बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है. इस मामले में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल समेत चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.

विज्ञापन

NEET Paper Scam: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो NEET परीक्षा के क्वेश्चन पेपर और MBBS में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर छात्रों और उनके परिवारों से भारी रकम वसूल रहा था. इस मामले में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है. पुलिस ने उनके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.

पुलिस जांच में सामने आया कि तीन मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा से पहले इस गिरोह ने कई छात्रों और उनके परिवारों से संपर्क किया था. मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने और कथित क्वेश्चन पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 छात्रों को इनके चंगुल से बाहर निकाला, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल थे.

20 से 30 लाख रुपये तक की मांग

आरोपियों ने अभिभावकों से 20 से 30 लाख रुपये तक मांगे. कई परिवारों से एडवांस पैसा, 10वीं-12वीं की मार्कशीट और हस्ताक्षर किए गए खाली चेक भी लिए गए. गिरोह दावा करता था कि वह परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर और बाद में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कर देगा.

ऐसे तैयार किए जाते थे फर्जी प्रश्न पत्र

जांच में पता चला कि कथित प्रश्न पत्र असल में पुराने सालों के पेपर और कोचिंग सामग्री को जोड़कर बनाए गए थे. इन्हें असली बताकर छात्रों और परिवारों को गुमराह किया जाता था. पुलिस ने 149 पन्नों की फर्जी प्रश्न-उत्तर सामग्री बरामद की है.

दिल्ली पुलिस को सूरत पुलिस से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिली थी. इसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए महिपालपुर और गाजियाबाद में छापेमारी की गई. होटल और फ्लैट से छात्रों को छुड़ाया गया. पुलिस ने डॉक्टर अखलाक आलम, संत प्रताप सिंह और विनोद पटेल को भी गिरफ्तार किया.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

हर आरोपी की तय थी अलग भूमिका

पुलिस के मुताबिक संतोष जायसवाल पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. डॉ. आलम फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करता था. संत प्रताप व्यवस्था संभालता था, जबकि विनोद पटेल छात्रों और परिवारों तक पहुंच बनाता था.

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: बिहार में 16 मई तक FRS नहीं कराया तो अटक सकती है हजारों शिक्षकों की सैलरी, विभाग ने जारी किया आदेश

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन