मां और शादी की ड्रेस खोकर बिलख उठी महिला, क्यों 5 गुना भयावह हुई लॉस एंजिल्स की आग?

Edited by Rajneesh Anand
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लॉस एंजिल्स में जंगल की आग भड़की

Los Angeles Fire : कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स में जिस तरह की आग लगी है, उसकी भयावहता 1970 की तुलना में पांच गुना हो गई है. क्लाइमेंट चेंज का प्रभाव ऐसा है कि बारिश का मौसम चरम सूखे के प्रभाव में है. इन हालात में जंगल की आग को रोकना असंभव प्रतीत होने लगा है.

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Los Angeles Fire : लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में जंगल की आग भड़क गई है, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोगों के घर जलकर खाक हो गए हैं. यह जानकारी बीबीसी न्यूज ने दी है. बीबीसी से बात करते हुए एक महिला बिफर गई और उसने बताया कि उसकी मां नहीं रही, उसकी शादी की ड्रेस जो उसे बहुत प्रिय थी, वो भी इस आग में जल गई, सबकुछ खत्म हो गया, हम बस इन्हीं कपड़ों को बचा पाए, जो हमने पहने हैं. कैलिफोर्निया में यह स्थिति सिर्फ आम आदमी की नहीं सेलिब्रेटी की भी है, जिनमें से पेरिस हिल्टन, एडम ब्राॅडी और बिली क्रिस्टल के घर बुरी तरह जल गए हैं. अभिनेता लीटन मेस्टर ने भी जंगल की आग में अपना आलीशान 6.5 मिलियन डॉलर का घर खो दिया. बेन एफ्लेक, टॉम हैंक्स, एडम सैंडलर और स्टीवन स्पीलबर्ग सहित अन्य सितारों को अपने घरों को खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि आग उनके घरों के करीब पहुंच गई थी.आग इतनी गंभीर है कि अभी तक उसपर काबू नहीं पाया जा सका है.

कैलिफोर्निया के जंगल में आग लगने की घटनाएं आम

कैलिफोर्निया के जंगल में आग लगने की घटनाएं आम हैं, लेकिन इस बार जो आग लगी है, वो अलग तरह की है. दरअसल सर्दियों में जंगल में आग नहीं लगती है और इस बार जंगल की आग जितनी भयावह है, अमूमन यह इतनी खतरनाक नहीं होती है. फिर ऐसा क्या हुआ है कि  लॉस एंजिल्स आग की लपटों से घिरा है और हजारों लोग बेघर होकर बिलख रहे हैं? 

लॉस एंजिल्स में इतनी खतरनाक आग की वजह क्या है?

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लॉस एंजिल्स में जंगल की आग

लॉस एंजिल्स में लगी भयावह आग की वजह अबतक पता नहीं चल पाई है, लेकिन कुछ संकेत मिल रहे हैं, जो भविष्य के लिए और अशुभ संकेत दे रहे हैं. नासा ने इस आग के बारे में कहा है कि अक्टूबर से दक्षिणी कैलिफोर्निया में बारिश ना के बराबर हुई है, जिसकी वजह से मौसम काफी  शुष्क है.  जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि सांता एना हवाएं इस आग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है. यह हवाएं 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है, जिसकी वजह से आग और भड़क रही है. यह हवाएं काफी गर्म होती हैं और कैलिफोर्निया में यह हवाएं आम हैं. बारिश नहीं होने की वजह से पेड़ सूख गए हैं, जो आग को और बढ़ा रहे हैं. बिजली के तारों और भूकंपरोधी लकड़ी के घरों को यह आग आसानी से अपनी चपेट में ले रही है.

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क्या हैं सांता एना हवाएं?

सांता एना हवाओं का निर्माण अमेरिका के रेगिस्तानी इलाके ग्रेट बेसिन में उच्च दबाव से होता है. सांता एना हवाएं आमतौर पर नीचे की ओर बहती है. यह रेगिस्तान और तटीय क्षेत्रों के पहाड़ों के बीच से गुजरकर अपनी आर्द्रता खो देती है और शुष्क हो जाती है. जब यह हवा दक्षिणी कैलिफोर्निया पहुंचती है, तो काफी कम आर्द्रता होती है और मौसम साफ रहता है. चूंकि हवा तेज हो जाती है और इन दिनों कैलिफोर्निया में शुष्कता काफी बढ़ी हुई है यह हवा आग की लपटों को और बढ़ा रही है. 

जलवायु परिवर्तन का कितना है असर?

कैलिफोर्निया में जो आग लगी और उसकी भयावहता जिस तरह बढ़ी है, उसके पीछे जलवायु परिवर्तन बहुत बड़ी वजह है. इसमें कोई शक नहीं है कि कैलिफोर्निया में आग की घटनाएं आम हैं, लेकिन आज जिस पैमाने पर आग लग रही हैं और उसका स्वरूप जितना भयंकर है, वह पहले नहीं था.

क्लाइमेंट चेंज कैलिफोर्निया की आग की फ्रीक्वेंसी और भयावहता  बढ़ा रहा : सीमा जावेद

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बारिश की कमी से सूखे जंगल

पर्यावरणविद सीमा जावेद बताती हैं कि क्लाइमेंट चेंज कैलिफोर्निया की आग की फ्रीक्वेंसी और भयावहता दोनों को बढ़ा रहा है. अमेरिका में दो बार बारिश होती है गरमी और जाड़े में लेकिन यहां इस बार दोनों ही मौसम में बारिश नहीं हुई. जुलाई 2024 में पिछले 150 साल में सबसे कम बारिश रिकाॅर्ड की गई. इसकी वजह से जंगल सूख गए, धरती सूख गई और पेड़ों की पत्तियां भी सूख गईं, यानी आप यह कह सकते हैं कि जंगल की आग के लिए पूरा मसाला तैयार हो गया. अब जब आग लगी तो उसकी भयावहता डराने वाली थी.

1970 से पांच गुना भयानक हुई आग

क्लाइमेंट चेंज का कैलिफोर्निया की आग पर असर किस कदर है कि आप समझ सकते हैं कि 1970 में जिस तरह की आग लगती थी उसकी अपेक्षा अब पांच गुना ज्यादा आग लग रही है और उसकी भयावहता भी पांच गुनी है. सीमा जावेद कहती हैं कि चरम सूखे से बचना है तो आपको जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार कोयले और गैस के प्रयोग से दुनिया को बचाना होगा, अन्यथा खतरे की घंटी तो बज ही गई है और परिणाम दिखने भी लगे हैं.

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FAQ : क्या हैं सांता एना हवाएं?

सांता एना हवाएं अमेरिका के रेगिस्तानी इलाके ग्रेट बेसिन में उच्च दबाव से बनती हैं. यह काफी गर्म और शुष्क हवा होती है.

कैलिफोर्निया की आग की मुख्य वजह क्या है?

कैलिफोर्निया की आग की मुख्य वजह क्लाइमेट चेंज है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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