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Chandrayaan 3 के लिए ISRO अध्यक्ष सोमनाथ को मिला IAF विश्व अंतरिक्ष पुरस्कार

Updated at : 16 Oct 2024 11:09 AM (IST)
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Chandrayaan 3 के लिए ISRO अध्यक्ष सोमनाथ को मिला IAF विश्व अंतरिक्ष पुरस्कार

IAF World Space Award for Chandrayaan 3 / ISRO

ISRO Chairman S Somanath Honored for Chandrayaan-3: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ (आईएएफ) के अनुसार, इसरो का चंद्रयान-3 मिशन वैज्ञानिक जिज्ञासा और लागत प्रभावी इंजीनियरिंग के तालमेल का उदाहरण है, जो उत्कृष्टता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और अंतरिक्ष अन्वेषण द्वारा मानवता को प्रदान की जाने वाली विशाल क्षमता का प्रतीक है.

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ISRO Chairman S Somanath Honored for Chandrayaan-3, receives IAF World Space Award: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष एस सोमनाथ को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ (आईएएफ) का प्रतिष्ठित विश्व अंतरिक्ष पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह पुरस्कार चंद्रयान-3 की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मिला है.

इसरो ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह मान्यता अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के योगदान का जश्न मनाती है. मिलान (इटली) में जश्न चल रहा है, क्योंकि हम नई सीमाओं के लिए प्रयास जारी रखे हुए हैं. गौरतलब है कि चंद्रयान-3 को पिछले वर्ष 6 जुलाई को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था और इसने 23 अगस्त को दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी.

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ (आईएएफ) के अनुसार, इसरो का चंद्रयान-3 मिशन वैज्ञानिक जिज्ञासा और लागत प्रभावी इंजीनियरिंग के तालमेल का उदाहरण है, जो उत्कृष्टता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और अंतरिक्ष अन्वेषण द्वारा मानवता को प्रदान की जाने वाली विशाल क्षमता का प्रतीक है.

चंद्रमा की संरचना और भूविज्ञान के पहले से अनदेखे पहलुओं को तेजी से उजागर करते हुए, यह मिशन इनोवेशन के लिए एक वैश्विक प्रमाण के रूप में खड़ा है. भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा कि ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला मिशन बन गया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकांक्षा और तकनीकी कौशल, दोनों को प्रदर्शित करता है.

एस. सोमनाथ एक भारतीय एयरोस्पेस इंजीनियर और रॉकेट तकनीशियन हैं. जनवरी 2022 में के. सिवन के बाद सोमनाथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष चुने गए. इससे पहले, सोमनाथ ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक और तिरुवनंतपुरम में तरल प्रणोदन प्रणाली केंद्र के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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