गढ़वा: 'PhonePe' से घूस लेने वाले राजस्व कर्मचारी पर गिरी गाज, वीडियो वायरल होने के बाद हुए सस्पेंड
Published by : Sameer Oraon Updated At : 29 May 2026 10:29 PM
गढ़वा में फोन पे से घूस लेने वाले राजस्व कर्मचारी सस्पेंड, Pic Credit- AI, Only For Symbolism
Garhwa Crime News: गढ़वा के रमना अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी दिवाकर सिंह को म्यूटेशन और रजिस्टर-2 अपडेट करने के नाम पर 'फोन पे' से घूस लेने के आरोप में DC पशुपति नाथ मिश्रा ने सस्पेंड कर दिया है. सस्पेंशन के दौरान उनका मुख्यालय भंडरिया तय किया गया है.
गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
गढ़वा: गढ़वा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ उपायुक्त (DC) पशुपति नाथ मिश्रा के कड़े रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. अवैध राशि उगाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप में रमना अंचल कार्यालय के राजस्व उप निरीक्षक (राजस्व कर्मचारी) दिवाकर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है.
‘फोन पे’ से घूस लेने का वीडियो हुआ था वायरल
यह पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो पर साक्ष्य मिलने के बाद की गई है. वायरल वीडियो में राजस्व उप निरीक्षक दिवाकर सिंह पर भूमि नामांतरण (म्यूटेशन) के नाम पर आम लोगों से अवैध रूप से पैसे ऐंठने का आरोप लगा था. हद तो यह हो गई कि कर्मचारी ने घूस की राशि कैश के अलावा डिजिटल माध्यम (UPI/फोन पे) से भी अपने खाते में ट्रांसफर करवाई थी. शिकायतकर्ता के मुताबिक, काम न होने पर जब पैसे वापस मांगे गए, तो वह राशि भी नहीं लौटाई गई. इसके अलावा जमीन के मुख्य दस्तावेज ‘रजिस्टर-2’ को अपडेट करने के एवज में भी मोटी रकम मांगने का आरोप था.
जांच में सच साबित हुए आरोप, भंडरिया तय हुआ मुख्यालय
मामले के तूल पकड़ते ही उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने रमना अंचल अधिकारी (CO) से विस्तृत जांच और स्पष्टीकरण रिपोर्ट तलब की थी. अंचल अधिकारी की जांच रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्यों के मिलान के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि दिवाकर सिंह पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप सौ फीसदी सही हैं. प्रशासन ने इसे घोर लापरवाही, वित्तीय कदाचार, अनुशासनहीनता और सरकारी सेवक आचार नियमावली का खुला उल्लंघन माना है. इसके बाद झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत निलंबन की यह दंडात्मक कार्रवाई की गई. सस्पेंड रहने के दौरान दिवाकर सिंह का मुख्यालय रमना से हटाकर अंचल कार्यालय, भंडरिया तय किया गया है, जहां उन्हें नियमित रूप से अपनी हाजिरी लगानी होगी. इसके अलावा नियमानुसार निलंबन की इस अवधि में उन्हें कोई वेतन नहीं मिलेगा, बल्कि केवल जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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