AI Helmet: बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने ऐसा AI-सपोर्टेड हेलमेट बनाया है, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है और सबूत अपने आप पुलिस तक भेज देता है. यह आइडिया सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे लोग ‘बेंगलुरु की टॉप लेवल इनोवेशन’ बता रहे हैं. डेवलपर पंकज तंवर ने X पर यह एक्सपेरिमेंट शेयर करते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर लापरवाह ड्राइविंग से परेशान होकर उन्होंने यह हेलमेट बनाया. आइए जानते आखिर ये AI-सपोर्टेड हेलमेट कैसे काम करता है.
AI-सपोर्टेड हेलमेट कैसे काम करता है?
अपनी पोस्ट में तनवर ने लिखा कि वह सड़क पर बेवकूफ लोगों से परेशान हो चुके थे, इसलिए उन्होंने अपने हेलमेट को ट्रैफिक पुलिस जैसे डिवाइस में हैक कर दिया. यह हेलमेट चलाते समय AI एजेंट के साथ काम करता है. यह सिस्टम ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान करता है, नंबर प्लेट कैप्चर करता है और समय, तारीख व लोकेशन के साथ फोटो सबूत सीधे ट्रैफिक पुलिस के ईमेल पर भेज देता है. डेमो में बिना हेलमेट स्कूटर चला रहे एक व्यक्ति को तुरंत चिन्हित कर रिपोर्ट करते दिखाया गया.
तनवर के इस डिवाइस में हेलमेट के अंदर लगा डैशकैम और लोकल AI मॉडल है, जो नियम तोड़ने वाले व्यवहार को पहचानता है. जैसे ही उल्लंघन पकड़ा जाता है, सिस्टम बिना किसी मैन्युअल दखल के सबूत के साथ खुद-ब-खुद ईमेल तैयार कर भेज देता है.
बेंगलुरु पुलिस को भी पसंद आई AI-सपोर्टेड हेलमेट
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने भी इस मामले पर उनका ध्यान खींचा. पुलिस ने उन्हें एक पर्सनल मैसेज भेजकर उनके आइडिया को ‘नया और दिलचस्प’ बताया. पंकज ने उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें लिखा था कि नमस्कार श्री पंकज, बेंगलुरु सिटी पुलिस की ओर से शुभकामनाएं. हेलमेट के जरिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को पहचानने वाले आपके हालिया पोस्ट्स हमने देखे हैं. सड़क सुरक्षा के नजरिए से यह आइडिया हमें काफी इनोवेटिव और दिलचस्प लगा है. हम इस पर आपसे विस्तार से समझना चाहेंगे.
यह भी पढ़ें: AI MOM करेगा भूख का इलाज, पेट की ‘गुड़गुड़’ सुनते ही Zomato से कर देगा खाना ऑर्डर, जानें कैसे करता है काम

