बंगाल में ममता सरकार के असहयोग से अधूरा है सीमा पर बाड़बंदी का काम : शुभेंदु अधिकारी

विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के असहयोग के कारण भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है.
कोलकाता.
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के असहयोग के कारण भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है. उन्होंने दावा किया कि इस वजह से बांग्लादेश से घुसपैठ जारी है और राज्य में जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहा है, जिसका असर कुछ इलाकों में हिंदू त्योहारों के आयोजन पर भी पड़ रहा है. यहां एक संवाददाता सम्मेलन में नंदीग्राम से विधायक अधिकारी ने कहा कि त्रिपुरा, असम और मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर शत-प्रतिशत बाड़बंदी पूरी हो चुकी है, लेकिन पश्चिम बंगाल में यह कार्य अब भी अधूरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं करा रही है. अधिकारी ने कहा कि जब भी सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठता है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके सहयोगी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को निशाना बनाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों तथा फर्जी पहचान पत्र, राशन कार्ड या पैन कार्ड की बरामदगी के मामलों में तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व बीएसएफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्र सरकार और भाजपा को दोषी ठहराता है.उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लोगों को झाड़ू और रसोई के बर्तनों से बीएसएफ कर्मियों पर हमला करने के लिए उकसाती हैं और राज्य सरकार के कुछ मंत्री भी बल के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहे हैं. अधिकारी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत जमीन का अधिग्रहण राज्य सरकार को ही करना होता है. उन्होंने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह अपने आदेश में पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया था कि वह नौ जिलों में भारत–बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के उद्देश्य से पहले से अधिगृहीत उन भूखंडों को 31 मार्च तक बीएसएफ को सौंप दे, जिनके लिए राज्य सरकार को केंद्र से मुआवजा पहले ही मिल चुका है.
शुभेंदु ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा बार-बार स्मरण कराए जाने और राज्य प्राधिकारियों के साथ बैठकों के बावजूद ममता बनर्जी सरकार ने अब तक सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं सौंपी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा था कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवास केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा है. अधिकारी के अनुसार, अमित शाह ने यह भी आश्वासन दिया है कि आगामी विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा की सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जायेगा.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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