लक्ष्मी भंडार घोटाला : नदिया में 173 फर्जी खातों का भंडाफोड़, शुभेंदु अधिकारी सरकार की SIT करेगी जांच
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 03 Jun 2026 7:30 AM
Laxmi Bhandar Scam: पश्चिम बंगाल के नदिया जिला प्रशासन ने धुबुलिया इलाके में महिलाओं के लिए चलायी जा रही ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम मिलने के बाद जांच शुरू की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस महा-घोटाले की जांच के लिए एसआईटी बनाने के आदेश दिये हैं.
खास बातें
Laxmi Bhandar Scam West Bengal: पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के गठन के बाद पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बनी इस सरकारी योजना का पैसा नदिया जिले में अवैध रूप से पुरुषों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था.
डीजीपी को एसआईटी जांच कराने का आदेश
जिला प्रशासन की सतर्कता से धुबुलिया इलाके की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम शामिल होने का सनसनीखेज सच सामने आया, तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर मनी लाउंडरिंग की जांच करने का निर्देश जारी कर दिया.
फरवरी से निकाला जा रहा था पैसा, हाई-लेवल जांच शुरू
नदिया जिले के प्रशासनिक मुख्यालय कृष्णनगर में मंगलवार को खुद जिलाधिकारी (DM) श्रीकांत पल्ली ने मीडिया को इस गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी दी. जिलाधिकारी ने बताया कि नदिया के धुबुलिया ब्लॉक की लक्ष्मी भंडार लाभार्थी सूची में कम से कम 173 पुरुषों के नाम पाये गये थे. सभी फर्जी नामों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर सूची से बाहर कर दिया गया है. मामले की सघन जांच शुरू कर दी गयी है.
इसे भी पढ़ें : बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी
सुनियोजित साजिश, फरवरी से चालू था खेल
शुरुआती जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी. इन 173 पुरुषों के नाम पर फर्जी लक्ष्मी भंडार खाते तैयार किये गये थे और इस साल फरवरी महीने से लगातार इन खातों से सरकारी सहायता राशि निकाली जा रही थी.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Laxmi Bhandar Scam: अवैध निकासी की हो रही ऑडिट
जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि इस धोखाधड़ी के पीछे का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और अब तक कुल कितने लाख रुपये की सरकारी राशि का गबन किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री का दावा- 2.2 करोड़ में 30 लाख लाभार्थी फर्जी
सोमवार को ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया था कि टीएमसी के राज में महिलाओं की सबसे लोकप्रिय योजना को भी नहीं बख्शा गया. दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से पुरुषों ने महिलाओं के नाम पर बनी इस कल्याणकारी योजना के पैसों पर डाका डाला. योजना के कुल 2.2 करोड़ लाभार्थियों में 30 लाख फर्जी लाभार्थी की बात सीएम ने कही थी.
इसे भी पढ़ें : बंगाल की महिलाओं के खाते में इस दिन से आयेंगे 3000 रुपए, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने की बड़ी घोषणा
बैठेगी एसआईटी और होगी ED की एंट्री
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि चूंकि इसमें सीधे तौर पर सरकारी खजाने से अवैध रूप से नकद हस्तांतरण (Cash Transfer) शामिल है, इसलिए वे राज्य के पुलिस प्रमुख को एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दे चुके हैं. साथ ही इस पूरे रैकेट में बड़े पैमाने पर धन शोधन (Money Laundering) की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है.
इसे भी पढ़ें
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










