आसनसोल विवेकानंद मठ की बंदी से उठे गंभीर सवाल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jun 2018 1:08 AM
विज्ञापन
आसनसोल : वार्ड संख्या 15 अंतर्गत बडपुकुरिया में आदिवासियों के कल्याण के लिए खोले गये आसनसोल विवेकानंद मठ के बंद होने की शिकायत पाकर स्थानीय पार्षद सह मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन ने सोमवार को मठ का मुआयना किया ओर इलाकेवासियों से पूछ ताछ की. एमएमआइसी श्री सोरेन ने मामले की […]
विज्ञापन
आसनसोल : वार्ड संख्या 15 अंतर्गत बडपुकुरिया में आदिवासियों के कल्याण के लिए खोले गये आसनसोल विवेकानंद मठ के बंद होने की शिकायत पाकर स्थानीय पार्षद सह मेयर परिषद सदस्य (रोजगार एवं आदिवासी उन्नयन) श्याम सोरेन ने सोमवार को मठ का मुआयना किया ओर इलाकेवासियों से पूछ ताछ की. एमएमआइसी श्री सोरेन ने मामले की शिकायत निगम मुख्यालय में मेयर जितेंद्र तिवारी से की. मेयर श्री तिवारी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया.
श्री सोरेन ने कहा कि कुछ वर्षों पहले चेलिडंगा के समाजसेवी रंजन रॉय ने इलाके के पिछडे आदिवासियों के विकास कार्य शिक्षा, रोजगार व उन्नयनमूलक कार्यों के लिए कई एकड़ जमीन अपने माता पिता के नाम से विवेकानंद मठ के विस्तार के लिए दी थी. मठ के अंदर आदिवासी बच्चों को पढाया जाता था, मठ के एक हिस्से में आश्रयहीन लोग रहते थे. मठ में होस्टल ओर तकनीकी शिक्षा भी दी जाती थी. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के नि:शूल्क उपचार के लिए मठ के निकट कुछ दिनों पहले होम्योपैथी डिस्पेंसरी खोला गया था.
जिसे बाद में बंद कर दिया गया. परंतु कुछ दिनों पहले मठ के संचालन कमेटी के कुछ लोग आकर मठ के सामान, कागजात, लोहे के पाईप, छत, आलमारी आदि लेकर जाने लगे. स्थानीय लोगों के पूछने पर उनसे कहा गया कि मठ को नजदीक ही कहीं बेहतर स्थान पर नये ढंग से बनाया जायेगा. एमएमआइसी श्री सोरेन ने कहा कि मठ के संचालकों ने मठ में आदिवासियों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ आदि कार्यों के नाम पर कई बडी कंपनियों इसीएल, एसबीआइ्र, धदका बोटलिंग प्लांट, बडे संस्थानों व राजनेताओं से बड़ी रकम व चल संपत्ती दान में ली थी. बाद में सभी संचालक दान की रकम ओर संपत्तियों को लेकर चले गये. मठ संचालकों से भी स्थानीय लोगों का संपर्क नहीं हो पा रहा है.
स्थानीय लोगों पवन सोरेन, बबलू हेंब्रम, रंजीत मुर्मू, राजेश सोरेन, राजा हांसदा सहित सैकडों लोगों में घटना से काफी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों के विकास के नाम पर नगदी ओर संपत्ती दान ली गयी ओर मठ को बंद कर उनके साथ उन्नयन के नाम पर धोखा किया गया. मामले को लेकर मठ को जमीन दानकर्ता सह आसनसोल विवेकानंद मठ के उपाध्यक्ष रंजन रॉय ने मठ के संचालक मंडली सदस्य सह मठ के सचिव पीयूष दास को पत्र लिखकर जवाब मांगा.
श्री रॉय ने कहा कि मठ को दान में मिली चल संपत्ती को मठ से हटा कर उसे परित्यक्त हालत में छोड़ दिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच में पाया कि मठ के उन्नयन के नाम पर नगदी ओर कई प्रकार के संपत्ती दान में ली गयी. एसबीआई से एक चार पहिया मोटर वाहन ओर भवन निर्माण सामग्री भी लिया गया ओर अनुमानत सभी चीजें बेच दी गयीं.
उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ स्त्रोंतों से यह सूचना मिली है कि उनके द्वारा मठ को दान की गयी जमीन को बेचने की साजीश रची जा रही है. उन्होंने मठ संचालक सदस्यों से पुन मठ को चालू करने और समाज कल्याणमूलक गतिविधियों को आरंभ करने का आग्रह किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










