अब सेल में भी स्मार्टफोन्स पर नहीं मिलेंगी भारी छूट, आखिर Nothing के CEO कार्ल पाई ने ऐसा क्यों कहा?

Published by : Ankit Anand Updated At : 12 Jun 2026 9:06 PM

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दाईं ओर नथिंग फोन और बाईं ओर Nothing के CEO कार्ल पाई (Photo: Canva)

स्मार्टफोन की कीमतें अब पहले जैसी घटने के बजाय लगातार बढ़ती दिख रही हैं. Nothing के CEO Carl Pei का कहना है कि मेमोरी की बढ़ती लागत और AI डिमांड की वजह से कंपनियों पर लोड बढ़ गया है. ऐसे में आने वाले समय में सेल्स में भारी डिस्काउंट मिलना मुश्किल हो सकता है.

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कई सालों से स्मार्टफोन खरीदने वालों का एक आसान फॉर्मूला रहा है. अगर लॉन्च के समय फोन महंगा लगे, तो कुछ महीने इंतजार कर लो. त्योहारों की सेल आएगी, कीमतें घटेंगी और वही फोन बेहतर डील में मिल जाएगा. लेकिन अब यह ट्रेंड धीरे-धीरे बदलता दिख रहा है. पिछले कुछ महीनों पर नजर डालें तो Vivo और iQOO ने भारत में अपने कई स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ा दी हैं. Nothing Phone 4a का मामला भी कुछ ऐसा ही है. 

मार्च 2026 में 31,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ यह फोन अब 37,999 रुपये में बिक रहा है. यानी कुछ ही महीनों में इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़ गई है. Nothing के CEO Carl Pei का कहना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन्स की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ने की असली वजह

हाल ही में X पर किए गए एक पोस्ट में Carl Pei ने स्मार्टफोन की एक ऐसी चीज का जिक्र किया, जिस पर ज्यादातर खरीदार ध्यान ही नहीं देते. हम बात कर रहे हैं मेमोरी की. उनका कहना है कि आज के समय में स्मार्टफोन में सबसे महंगा कंपोनेंट प्रोसेसर या डिस्प्ले नहीं, बल्कि मेमोरी बन चुकी है. Pei के मुताबिक, मेमोरी की लागत अब इतनी बढ़ गई है कि यह फोन के कुल हार्डवेयर खर्च का 50% से भी ज्यादा हिस्सा ले सकती है.

यह स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि पहले सबसे ज्यादा खर्च प्रोसेसर और डिस्प्ले पर होता था. Carl Pei ने यह भी बताया कि Nothing Phone 4a को मंजूरी मिलने और उसके लॉन्च होने के बीच ही मेमोरी की कीमतें दोगुनी हो गई थीं. हैरानी की बात यह है कि उसके बाद से ये कीमतें एक बार फिर दोगुनी हो चुकी हैं. इससे स्मार्टफोन बनाने की लागत पर बड़ा असर पड़ रहा है.

अब AI बन रहा है स्मार्टफोन्स का नया मुकाबला

Nothing के को-फाउंडर का मानना है कि AI का तेजी से बढ़ता दौर स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक नई चुनौती लेकर आया है. दरअसल, जिन मेमोरी चिप्स का यूज स्मार्टफोन्स में होता है, वही चिप्स अब बड़े-बड़े AI डेटा सेंटर्स में भी भारी मात्रा में यूज किए जा रहे हैं. दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं. इसकी वजह से इन चिप्स की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. इसका असर यह हुआ है कि अब स्मार्टफोन कंपनियां सिर्फ एक-दूसरे से नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे अमीर टेक कंपनियों से भी इन जरूरी कंपोनेंट्स के लिए मुकाबला कर रही हैं.

फेस्टिव सीजन में बड़ी छूट की उम्मीद कम

Nothing के CEO Carl Pei का मानना है कि इस साल फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन पर पहले जैसी भारी-भरकम छूट देखने को नहीं मिलेगी. उनका कहना है कि मोबाइल फोन लगातार महंगे होते जा रहे हैं. यही ट्रेंड अगले साल भी जारी रह सकता है. फरवरी के बाद लॉन्च हुए कई नए स्मार्टफोन अपने पुराने मॉडल्स की तुलना में करीब 100 डॉलर (लगभग 8,500 रुपये) तक महंगे आए हैं. भारत में भी 30,000 रुपये से ऊपर वाले स्मार्टफोन्स की कीमतों में 7,000 रुपये या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप नया फोन खरीदने का सोच रहे हैं और लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, तो अब खरीदारी करने का सही समय हो सकता है. उनके अनुसार इस बार सेल सीजन में पहले जैसी बड़ी छूट मिलने की उम्मीद कम है. हालांकि उनकी यह भविष्यवाणी कितनी सही साबित होगी, यह तो आने वाले महीनों में पता चलेगा.

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By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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