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वक्फ संशोधन कानून देशहित में, देश का हर मुस्लिम मोदी के साथ, रांची में बोले मौलाना रशीदी

Updated at : 07 May 2025 3:20 PM (IST)
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रांची प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मौलाना सजिद रशीदी.

Moulana Sajid Rashidi in Ranchi: वक्फ संपत्तियों की स्थिति और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर बहस के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद सजिद रशीदी ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को ऐतिहासिक करार दिया है. कांग्रेस और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर मुस्लिमों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. रशीदी ने सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट और अन्य अध्ययन रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी में मुसलमानों की बदतर स्थिति उजागर हुई, लेकिन कांग्रेस ने कभी उन सिफारिशों को लागू नहीं किया.

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Moulana Sajid Rashidi in Ranchi: देश में वक्फ संपत्तियों की स्थिति और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को लेकर जारी बहस के बीच, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मुहम्मद सजिद रशीदी ने वक्फ संशोधन कानून 2025 को ऐतिहासिक करार दिया है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे प्रहार भी किये. उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुसलमानों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.

‘70 वर्षों तक कांग्रेस ने मुसलमानों का इस्तेमाल किया’

मौलाना रशीदी ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पिछले 70 वर्षों में मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया. कांग्रेस ने मुसलमानों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार या धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनायी गयी.

कांग्रेस ने वक्फ की जमीन बिल्डरों और अपने नेताओं को दी – मौलाना रशीदी

उन्होंने दिल्ली की ढाई सौ बीघा वक्फ की जमीन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों ने उस जमीन पर कब्जा करके न तो उसे मुसलमानों को लौटाया और न ही उसका उपयोग शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया. उल्टे, उस जमीन को अपने नजदीकी बिल्डरों और नेताओं को सौंप दिया. ऐसा सिर्फ दिल्ली में नहीं हुआ. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों में भी वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और घोटाले आम रहे हैं, जो कांग्रेस की नीति और नीयत को उजागर करते हैं.

ममता बनर्जी पर भी मौलाना ने बोला हमला

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि जब उन्होंने (ममता बनर्जी) ने कह दिया कि वक्फ कानून बंगाल में लागू नहीं होगा, तो यह स्पष्ट हो गया कि मुस्लिम हित उनके लिए केवल एक वोट का हथियार है. उनके बयान के बावजूद मुस्लिम सड़क पर क्यों उतरे? प्रदर्शन क्यों हुए? बंगाल में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और केस दर्ज क्यों हुए? यह शर्मनाक है. रशीदी ने पूछा कि अगर यह कानून मुस्लिमों की भलाई के लिए है, तो फिर उसका विरोध क्यों?

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‘कांग्रेस ने लागू नहीं की सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट’

रशीदी ने सच्चर कमेटी, रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट और अन्य अध्ययन रिपोर्टों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी में मुसलमानों की बदतर स्थिति उजागर हुई, लेकिन कांग्रेस ने कभी उन सिफारिशों को लागू नहीं किया. वहीं, आज मोदी सरकार ने पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस और जवाबदेही के सिद्धांतों के आधार पर वक्फ सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है.

अब मुसलमान जाग चुका है – मौलाना सजिद रशीदी

मौलाना रशीदी ने कहा, ‘अब मुसलमान जाग चुका है. अब हमें अपने बच्चों को सिर्फ मदरसों तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा, तकनीकी कौशल और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच दिलानी है. इसके लिए जरूरी है कि हमारी संपत्तियां, विशेषकर वक्फ संपत्तियां सुरक्षित और उपयोगी हों.’

‘मोदी जी मुस्लिम समाज को ‘रिजर्व फोर्स’ की तरह देखें’

उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि वे मुस्लिम समुदाय को एक ‘रिजर्व फोर्स’ के रूप में देखें. एक ऐसी ताकत, जो राष्ट्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, जो नफरत नहीं, विकास चाहती है.’

मौलाना की अपील- नेताओं की बातों पर नहीं, उनके काम पर ध्यान देना होगा

मौलाना ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अब नेताओं की बातों पर नहीं, उनके काम पर ध्यान देना होगा. कहा, ‘कौन हमारे बच्चों के लिए स्कूल बनवाता है? कौन हमारी जमीन की रक्षा करता है? कौन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हमारे रिकॉर्ड सुरक्षित करता है? यही असली सवाल हैं.’

‘वक्फ संशोधन कानून पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक’

मौलाना रशीदी ने यह भी कहा कि वक्फ संशोधन कानून सिर्फ मुस्लिमों की भलाई का नहीं, बल्कि पूरे समाज की पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है. ऐसे में जो भी दल इसका विरोध करता है, वह सिर्फ मुस्लिम समाज के हित के खिलाफ ही नहीं, बल्कि प्रगति और न्याय के भी खिलाफ खड़ा है. इस अवसर पर मोहम्मद कमाल खान, राफिया नाज और तारिक इमरान सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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