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Birth Certificate Scam: झारखंड के इस प्रखंड में जन्म प्रमाण पत्र घोटाला, 4281 बर्थ सर्टिफिकेट रद्द, 5 गिरफ्तार

Updated at : 07 May 2025 12:48 PM (IST)
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Birth Certificate Scam in cahkulia east singhbhum

Birth Certificate Scam: झारखंड के चाकुलिया प्रखंड में जन्म प्रमाण पत्र घोटाला सामने आया है. इसके बाद प्रशासन ने 4281 बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द करने के आदेश दिये हैं. फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनाने में लिप्त पंचायत सचिव समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. जमशेदपुर में उपायुक्त अनन्य मित्तल एवं एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि बनाये गये प्रमाण पत्रों में 3874 बहुसंख्यक समुदाय के हैं और 682 प्रमाण पत्र अल्पसंख्यकों के नाम पर बने हैं.

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Birth Certificate Scam: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला का पर्दाफाश हुआ है. इस मामले में कार्रवाई भी शुरू हो गयी है. 4281 बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया गया है. इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार किये गये 5 लोगों में एक पंचायत सेवक, 2 प्रज्ञा केंद्र संचालक और 2 दलाल शामिल हैं. इस मामले का मुख्य किंगपिन सोनारी फरार है. वह सोनारी का रहने वाला है. जांच अधिकारियों ने कहा है कि किंगपिन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और कई लोगों की संलिप्ता सामने आयेगी.

पंचायत सचिव समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

जांच अधिकारियों ने बताया कि पंचायत सचिव सुनील महतो सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. गिरफ्तार अन्य लोगों में मटियाबांधी और मालकुंडी पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक शिवम डे और सपन महतो, बिचौलिया बुंडू का हरीश प्रमाणिक और रांची का आरिफ आलम शामिल है. जन्म प्रमाण पत्र बनाने में इस्तेमाल हुए कंप्यूटर और अन्य उपकरण जब्त कर लिये गये हैं.

4281 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट को रद्द करने का आदेश

इस मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चाकुलिया प्रखंड से जारी किये गये 4281 फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को रद्द करने का आदेश दिया है. जमशेदपुर में उपायुक्त अनन्य मित्तल एवं एसएसपी किशोर कौशल ने संयुक्त रूप से मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जांच में यह बात सामने आयी है कि बनाये गये प्रमाण पत्रों में 3874 बहुसंख्यक समुदाय के हैं और 682 प्रमाण पत्र अल्पसंख्यकों के नाम पर बने हैं. इन प्रमाण पत्रों को तुरंत रद्द करने का निर्देश रजिस्ट्रार को दिया गया है.

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फर्जी प्रमाण पत्रों की जारी होगी सार्वजनिक सूची

इतना ही नहीं, उन्होंने इन प्रमाण पत्रों की सार्वजनिक सूची जारी करने को कहा है, ताकि अन्य विभाग भी इनकी जांच कर सकें और यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनका उपयोग किसी सरकारी योजना का लाभ लेने में तो नहीं हुआ. इस फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के लोग जमशेदपुर ही नहीं, पूरे झारखंड में फैले हैं. इसलिए जिला प्रशासन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को घटना का विवरण साझा करने और आवश्यक बिंदुओं की जानकारी देने का फैसला किया है, ताकि वे भी अपने क्षेत्र से बड़े रैकेट को पकड़ सकें.

फर्जी प्रमाण पत्र का कहां-कहां होता है इस्तेमाल

  • फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर स्कूल में नामांकन
  • सरकारी योजना का लाभ लेने
  • जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाने
  • आधार कार्ड बनवाने
  • अन्य दस्तावेज बनवाने में

चाकुलिया बीडीओ के आवेदन पर दर्ज हुई शिकायत

संबंधित विभागों और एजेंसियों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की सूची प्रेषित की गयी है, ताकि यथोचित कार्रवाई की जा सके. साथ ही फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की सूची को अखबार के माध्यम से सार्वजनिक भी किया जायेगा. इस तरह के मामले को लेकर सभी 11 प्रखंडों में भी जांच के निर्देश दिये गये हैं. एसएसपी किशोर कौशल ने बताया कि चाकुलिया की बीडीओ आरती मुंडा के लिखित आवेदन पर चाकुलिया थाना में कांड संख्या 32/2 दर्ज किया गया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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