मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं, समय आने पर दूंगी जवाब, चौतरफा संकट के बीच फेसबुक लाइव पर गरजीं ममता बनर्जी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 01 Jun 2026 11:03 PM
फेसबुक लाइव करतीं ममता बनर्जी.
Mamata Banerjee Facebook Live: टीएमसी में मची हलचल के बीच ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव पर भाजपा और पुलिस पर विधायकों को डराने के सनसनीखेज आरोप लगाये. ममता ने कहा कि विधायकों को गांजा केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है. उन्होंने गद्दारों को टिकट देने पर जता से माफी भी मांगी.
खास बातें
Mamata Banerjee Facebook Live: पश्चिम बंगाल में विधायकों के गायब होने और मचे भारी सियासी घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. सोमवार को फेसबुक लाइव (Facebook Live) के जरिये राज्य की जनता और पार्टी कैडरों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा और राज्य प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाये हैं.
तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना मुमकिन नहीं : दीदी
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों, धनबल और पुलिसिया खौफ के दम पर तृणमूल कांग्रेस को तोड़ना मुमकिन नहीं है. ममता ने बेहद आक्रामक अंदाज में विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा- अगर कोई यह खेल खेल रहा है, तो उसे बता दूं कि मैं भी बड़ी खिलाड़ी हूं. समय आने पर इसका करारा जवाब दिया जायेगा.
विधायकों को दी गयी आर्म्स एक्ट और गांजा केस की धमकी!
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में जो खुलासे किये हैं, उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. उन्होंने पहली बार ऑन-कैमरा बताया कि उनके विधायकों को किस तरह डराया जा रहा है.
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दीदी का दावा- 4 विधायकों ने की सीक्रेट शिकायत
तृणमूल सुप्रीमो ने दावा किया कि उनकी पार्टी के 4 विधायकों ने उनसे लिखित और मौखिक शिकायत की है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी उन्हें टीएमसी की बैठकों से दूर रहने की खुली चेतावनी दे रहे हैं. विधायकों से कहा गया है कि यदि वे कालीघाट या टीएमसी की किसी भी संगठनात्मक बैठक में शामिल हुए, तो उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) या गांजा तस्करी जैसे गंभीर और गैर-जमानती मामलों में फर्जी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया जायेगा.
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टीएमसी विधायकों को भाजपा में जाने की दी जा रही सलाह : ममता
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दागी पुलिस अधिकारी ही अब दलाल की भूमिका निभा रहे हैं. ये लोग टीएमसी विधायकों को खुद फोन करके भाजपा नेताओं से संपर्क साधने की सलाह दे रहे हैं.
गद्दारों पर फूटा गुस्सा- हाथ जोड़कर मांगी जनता से माफी
हाल ही में पार्टी से निष्कासित विधायकों (संदीपन साहा और रीतब्रत बनर्जी) का नाम लिये बिना ममता बनर्जी का दर्द और गुस्सा सार्वजनिक रूप से बाहर आ गया. उन्होंने कहा- कुछ लोगों का कोई सिद्धांत नहीं होता. उनकी कोई विचारधारा नहीं होती. मुझे ऐसे स्वार्थी नेताओं को राजनीति में आगे बढ़ाने और अवसर देने का अब जिंदगी भर अफसोस रहेगा. उन्होंने जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी.
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इस मामले में माकपा (CPIM) बेहतर थी : टीएमसी सुप्रीमो
ममता ने एक अचरज भरा बयान देते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर कम से कम माकपा की तारीफ करती हैं कि उसने समय रहते ऐसे विचारधारा-विहीन लोगों को अपनी पार्टी से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया था.
नेता बिक सकते हैं, कार्यकर्ता नहीं, फिर खड़ा करूंगी संगठन : ममता
लगातार लग रहे झटकों के बीच ममता बनर्जी ने अपने जमीनी कैडरों का मनोबल बढ़ाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. उन्होंने कहा कि कुछ बड़े नेता दबाव या लालच में आकर पाला बदल सकते हैं, लेकिन तृणमूल की वास्तविक ताकत उसके लाखों वफादार कार्यकर्ता हैं. वे बिकने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वे अब किसी के भरोसे संगठन को नहीं छोड़ेंगी. खुद नियमित रूप से पार्टी कार्यालय में बैठ रही हैं. एक-एक कार्यकर्ता की समस्याएं सुन रही हैं. बगावत दबाने के लिए जरूरत पड़ने पर पार्टी की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता भी उपलब्ध करा रही हैं.
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Mamata Banerjee Facebook Live: 2 जून के धरने से पहले बढ़ा सियासी पारा
ममता बनर्जी का यह फेसबुक लाइव सीधे तौर पर 2 जून को कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर होने वाले महा-धरने की तैयारी का हिस्सा है. विधायकों पर ‘गांजा केस’ और ‘आर्म्स एक्ट’ लगाने के आरोपों को उछालकर ममता बनर्जी ने नयी सरकार के खिलाफ एक बड़ा नैरेटिव (विमर्श) सेट कर दिया है. अब देखना है कि मंगलवार को जब वे खुद सड़क पर उतरेंगी, तो उनके इस ‘खेला’ का जवाब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी किस अंदाज में देते हैं.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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