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2019 के विधानसभा चुनाव में 9 सीटों पर 5000 से कम वोटों से हुई थी हार-जीत

Updated at : 17 Oct 2024 8:42 AM (IST)
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jharkhand assembly election 2024

झारखंड विधानसभा चुनाव.

Jharkhand Assembly Election : विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल 81 विधानसभा सीट में से नौ सीटाें पर हार-जीत का अंतर पांच हजार से कम वोट का था.

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Jharkhand Assembly Election|रांची, सुनील कुमार झा : झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो गयी है. इसके साथ ही पिछले चुनाव में मिले वोटों के जोड़-घटाव का गणित भी शुरू हो गया है. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल 81 विधानसभा सीट में से नौ सीटाें पर हार-जीत का अंतर पांच हजार से कम वोट का था. इन सीटों पर जीतने व हारने वाले प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला था.

  • पांच सीट पर भाजपा एवं झामुमो व कांग्रेस ने दो-दो सीट पर दर्ज की थी जीत
  • सिमडेगा में 285 और बाघमारा में 824 वोट के अंतर से जीते थे प्रत्याशी

इन 9 सीटों में से पांच सीट पर भाजपा व दो-दो सीट पर झामुमो व कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. जिन नौ सीटों पर पांच हजार से कम वोट के अंतर से हार-जीत का फैसला हुआ था- उनमें नाला, जामा, जरमुंडी, कोडरमा, गोड्डा, मांडू, बाघमारा, सिमडेगा व देवघर शामिल हैं. इनमें से कोडरमा, गोड्डा, मांडू, बाघमारा व देवघर में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली थी.

इनमें से तीन सीट कोडरमा, गोड्डा व देवघर में राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे. जबकि, बाघमारा में कांग्रेस व मांडू में आजसू के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर थे. नाला व जामा में झामुमो तथा जरमुंडी व सिमडेगा में कांग्रेस को जीत मिली थी. इन सीटों पर भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे. इनमें सिमडेगा में सबसे कम 285 व बाघमारा में 824 वोट से प्रत्याशी को जीत मिली थी.

इन सीटों पर पांच हजार से कम वोटों का अंतर

क्रमविधानसभा सीटजीतने वाली पार्टीहारने वाली पार्टीअंतर
1.सिमडेगाकांग्रेसभाजपा285
2.बाघमाराभाजपाकांग्रेस824
3.कोडरमाभाजपाराजद1797
4.मांडूभाजपाआजसू2062
5.जामाझामुमोभाजपा2426
6.देवघरभाजपाराजद2674
7.जरमुंडीकांग्रेसभाजपा3099
8.नालाझामुमोभाजपा3520
9.गोड्डाभाजपाराजद4512

10 सीटों पर 10 हजार से कम का था अंतर

पिछले विधानसभा चुनाव में 10 ऐसी सीटें थीं, जहां हार-जीत का फैसला 10 हजार से कम वोटों के अंतर से हुआ था. इनमें से आधी सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी. जबकि, तीन पर झामुमो व एक-एक सीट पर कांग्रेस व एनसीपी के प्रत्याशी को जीत मिली थी.

भाजपा को जिन पांच सीटों पर जीत मिली थी, उनमें विश्रामपुर, रांची, तोरपा, सिंदरी व चंदनकियारी शामिल है. गांडेय, घाटशिला व गुमला में झामुमो, खिजरी में कांग्रेस व हुसैनाबाद में एनसीपी को जीत मिली थी. इनमें से चार सीट दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की है. रांची व खिजरी विधानसभा सीट पर भी कांटे की टक्कर थी. रांची में भाजपा को 5904 व खिजरी में कांग्रेस प्रत्याशी को 5469 वोट से जीत मिली थी. खिजरी में भाजपा व रांची में झामुमो के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे थे.

वो विधानसभा सीटें जहां जीत-हार का अंतर 10,000 से कम

क्रमविधानसभा सीटजीतने वाली पार्टीहारने वाली पार्टीजीत-हार का अंतर
1.रांचीभाजपाझामुमो5904
2.खिजरीकांग्रेसभाजपा5469
3.घाटशिलाझामुमोभाजपा6724
4.गुमलाझामुमोभाजपा7667
5.सिंदरीभाजपामासस8253
6.गांडेयझामुमोभाजपा8855
7.चंदनकियारीभाजपाआजसू9211
8.तोरपाभाजपाझामुमो9630
9.विश्रामपुरभाजपाबसपा8513
10.हुसैनाबादएनसीपीराजद9849

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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