ग्रामीण रांची में RIMS-2 बनाने को तैयार, लेकिन हेमंत सरकार से कर डाली बड़ी मांग

Updated:
विज्ञापन
RIMS 2 Issue

रिम्स-2 के विरोध में ग्रामीणों ने निकाला पैदल मार्च

RIMS 2 Issue: रांची के नगड़ी में रिम्स 2 के विरोध में गुलाम रब्बानी नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति ने पैदल मार्च निकाला. पुलिस को चकमा देकर खेतों के रास्ते मोराबादी पहुंचे ग्रामीणों को ऑक्सीजन पार्क के पास रोका गया. लेकिन ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत में सीएम हेमंत सोरेन बड़ी मांग कर डाली. पढ़ें, पूरी खबर.

विज्ञापन

कांके से गुलाब रब्बानी की रिपोर्ट

RIMS 2 Issue, रांची : गुलाम रब्बानी नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले गुरुवार को ‘रिम्स 2’ के विरोध में नगड़ी के सैकड़ों रैयतों, किसानों और ग्रामीणों ने पैदल शांति मार्च निकाला. ग्रामीण अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे वार्ता करने की मांग को लेकर सीएम आवास की ओर बढ़ रहे थे. लेकिन भारी पुलिस की तैनाती को देखकर ग्रामीणों ने जो रास्ता चुना उसने प्रशासन को हैरान कर दिया. दरअसल ग्रामीणों ने नगड़ी गांव से पैदल मार्च शुरू किया और लॉ यूनिवर्सिटी-कांके चौक होते हुए आगे बढ़ गए. उसी वक्त जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बाजार टांड़ के पास ग्रामीणों का रूट डायवर्ट कर दिया और उन्हें बोड़ेया रोड होकर मोराबादी जाने को कहा. ऐसा निर्देश पाते ही मार्च में शामिल ग्रामीण मुख्य रास्ते से हट गए. इसके बाद वे खेतों की पगडंडियों के रास्ते आगे बढ़े, बीच में पड़ने वाली दो नदियों को पार कर चौड़ी बस्ती होते हुए मोराबादी निकल गए. अचानक बदले इस रूट के सामने भारी पुलिस बल भी बेबस नजर आया.

ऑक्सीजन पार्क के पास पुलिस ने रोका

खेतों के रास्ते मोराबादी मैदान में इकट्ठा होने के बाद जब ग्रामीण मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें ऑक्सीजन पार्क के समीप बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इसी बीच रांची में भारी बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद ऑक्सीजन पार्क में डटे ग्रामीण धीरे-धीरे तितर-बितर हो गए.

Also Read: पलामू के नौडीहा में 21 करोड़ रुपये से बनेगा बाइपास, बिहार तक का सफर होगा आसान

मुख्यमंत्री विस्थापितों को दें नौकरी और रोजगार: ग्रामीण

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर साफ कहा कि वे राज्य के विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी कुछ शर्तें और आपत्तियां हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जिस जमीन पर रिम्स 2 बनाना चाहती है, उसका न तो सही तरीके से अधिग्रहण हुआ है और न ही मुआवजा मिला है. सरकार कथित तौर पर फर्जी कागजातों के सहारे जमीन ले रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए. ग्रामीणों ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त (DC) से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन राज्य के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनसे एक बार जरूर मिलना चाहिए.

मुआवजे और नौकरी की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि नगड़ी की उपजाऊ जमीन ही हमारी खेती और रोजगार का एकमात्र साधन है. अगर सरकार विस्थापित होने वाले परिवारों के सदस्यों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी और स्वरोजगार के अवसर देती है, तो हम रिम्स 2 के निर्माण में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं.”

Also Read: प्रशासन के आदेश को ठेंगा, भारी वाहनों की आवाजाही से पतरातू में रोज लग रहा जाम

विज्ञापन
समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola