प्रशासन के आदेश को ठेंगा, भारी वाहनों की आवाजाही से पतरातू में रोज लग रहा जाम

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पतरातू में भारी वाहनों और हाईवा की वजह से लगा जाम. फोटो: प्रभात खबर

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Ramgarh News: पतरातू में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान भारी वाहनों पर प्रतिबंध के बावजूद ट्रक और हाईवा की आवाजाही जारी है. पतरातू रेलवे गेट से खैरा मांझी द्वार तक रोज लंबा जाम लग रहा है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Ramgarh News: पतरातू में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान जिला प्रशासन द्वारा मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के बावजूद आदेश का पालन होता नजर नहीं आ रहा है. प्रतिबंध के बावजूद हाईवा, ट्रक और टर्बो जैसे भारी वाहन लगातार इस मार्ग से गुजर रहे हैं, जिससे आम लोगों को रोजाना जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है.

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आदेश के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे भारी वाहन

रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य को देखते हुए जिला प्रशासन ने पतरातू मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था. इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और आम लोगों को राहत देना था. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहन चालक बिना किसी डर के इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं. इससे प्रशासनिक आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी सवाल उठने लगे हैं.

रेलवे गेट से खैरा मांझी द्वार तक लगता है लंबा जाम

स्थिति यह है कि पतरातू रेलवे गेट से लेकर खैरा मांझी द्वार तक प्रतिदिन लंबा जाम लग रहा है. खासकर शाम के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं. सड़क पर बस, ट्रक, कार, ऑटो और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. कई बार लोगों को कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है. इससे दैनिक जीवन और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

स्कूली बच्चों और मरीजों को हो रही परेशानी

लगातार लग रहे जाम के कारण स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और आम राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहने को मजबूर हैं. आपात स्थिति में अस्पताल जाने वाले मरीजों और एंबुलेंस को भी जाम के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसी दिन बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है.

निगरानी के अभाव में बेखौफ हैं वाहन चालक

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन ने भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध तो लगाया है, लेकिन उसके अनुपालन की निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं हो रही है. यही वजह है कि वाहन चालक बिना किसी रोक-टोक के प्रतिबंधित मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं. नियमों का हाल भी कभी-कभी अजीब होता है. कागज पर वे शेर की तरह दहाड़ते हैं और सड़क पर पहुंचते-पहुंचते बिल्ली बन जाते हैं. फिर जनता जाम में खड़ी होकर सोचती रहती है कि आदेश आखिर गया कहां.

दुर्घटना की आशंका भी बढ़ी

भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें और कम जगह होने के कारण छोटे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ता जा रहा है. तस्वीरों में भी देखा जा सकता है कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और लोगों को निकलने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है.

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प्रशासन से सख्ती की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से भारी वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई से ही जाम की समस्या से राहत मिल सकती है. लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को देखते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि पतरातू की सड़कों पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके और आम लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से निजात मिल सके.

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