खेत की जुताई में मिला प्राचीन शिवलिंग, कोडरमा के दुमदुमा गांव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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कोडरमा के सतगावां प्रखंड के दुमदुमा गांव में खेत की जुताई के दौरान मिला प्राचीन शिवलिंग. फोटो: प्रभात खबर

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Koderma News: कोडरमा के सतगावां प्रखंड के दुमदुमा गांव में खेत की जुताई के दौरान प्राचीन शिवलिंग मिला. ग्रामीणों ने इसे घोड़सिमर धाम मंदिर में स्थापित कर पूजा-अर्चना की. क्षेत्र में श्रद्धा का माहौल है और लोगों ने यहां पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की मांग की है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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सतगावां से सुधीर सिंह की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड अंतर्गत कटैया पंचायत के दुमदुमा गांव में उस समय धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल बन गया जब खेत की जुताई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग प्राप्त हुआ. यह घटना प्रसिद्ध घोड़सिमर धाम मंदिर के पास घटी, जिसने पूरे इलाके को श्रद्धा और उत्सव में बदल दिया.

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खेत में जुताई के दौरान मिला शिवलिंग

जानकारी के अनुसार, ग्रामीण अजीत यादव अपने खेत में जुताई कर रहे थे. इसी दौरान हल के नीचे से एक पत्थरनुमा आकृति सामने आई, जो बाद में शिवलिंग के रूप में पहचानी गई. यह स्थान घोड़सिमर धाम मंदिर से लगभग 500 फीट की दूरी पर स्थित है. शिवलिंग मिलने की खबर तेजी से पूरे गांव में फैल गई और कुछ ही समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए.

मौके पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

शिवलिंग मिलने की सूचना जैसे ही फैली, दुमदुमा गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग “हर हर महादेव” के जयकारे लगाते हुए मौके पर पहुंचने लगे. पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया. ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटना पहले भी इस क्षेत्र में हो चुकी है, जिससे इसकी धार्मिक मान्यता और अधिक मजबूत हो जाती है.

विधि-विधान से मंदिर में स्थापित किया गया शिवलिंग

ग्रामीणों ने आपसी सहमति से शिवलिंग को खेत से निकालकर घोड़सिमर धाम मंदिर परिसर में ले जाकर विधि-विधान के साथ स्थापित किया. इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की गई. भक्तों ने धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर शिवलिंग की विधिवत पूजा की. महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया.

घोड़सिमर धाम का ऐतिहासिक महत्व

स्थानीय लोगों के अनुसार घोड़सिमर धाम और आसपास का क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी खेतों की जुताई और खुदाई के दौरान यहां से प्राचीन मूर्तियां और शिवलिंग मिलते रहे हैं. इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह क्षेत्र किसी प्राचीन सभ्यता या धार्मिक स्थल का हिस्सा रहा होगा, जहां प्राचीन काल में मंदिर या पूजा स्थल स्थित रहा होगा.

पुरातत्व सर्वेक्षण की उठी मांग

लगातार प्राचीन अवशेष मिलने से स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों ने जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग से इस क्षेत्र का वैज्ञानिक और पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाए तो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व और प्राचीन धरोहरों के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

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श्रद्धा और आस्था का बना केंद्र

फिलहाल दुमदुमा गांव और घोड़सिमर धाम क्षेत्र में शिवलिंग की स्थापना के बाद लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है. लोग इसे आस्था और भगवान शिव की कृपा का प्रतीक मानकर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और हर ओर “हर हर महादेव” के जयकारे गूंज रहे हैं.

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