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सजायाफ्ता PLFI उग्रवादी समीर तिर्की रांची की होटवार जेल से फरार, थ्री लेयर सिक्योरिटी में सेंध लगाकर कैसे भागा?

Updated at : 01 Mar 2025 6:19 AM (IST)
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birsa munda central jail

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार

रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में सजा काट रहा पीएलएफआई उग्रवादी समीर तिर्की फरार हो गया है. आराम से टहलते हुए मुख्य गेट से वह निकल गया. सुबह कैदियों की गिनती हो रही थी, तब इसके भागने का पता चला.

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रांची-होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में सजा काट रहा पीएलएफआई उग्रवादी समीर तिर्की फरार हो गया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बताया जाता है कि वह जेल के मुख्य गेट की ओर से शुक्रवार की अलसुबह फरार हुआ है. वह गुमला के वृंदा, भंडरा टोली का रहने वाला है. जेल प्रशासन की ओर से मामले में खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

कैदियों की गिनती होने पर मिली गायब होने की जानकारी

प्राथमिकी में कहा गया है कि शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे जब कैदियों की गिनती हो रही थी, तब पता चला कि समीर गायब है. उसके बाद जेल के अंदर सभी जगह उसकी तलाश की गयी. जेल आइजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि उसके फरार होने के बाद रांची बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, गुमला स्थित उसके घर के अलावा उसके छिपने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. जानकारी के अनुसार, काफी दिनों से होटवार जेल में स्थायी अधीक्षक या स्थायी जेलर की पोस्टिंग नहीं की गयी है. दोनों पदों पर प्रभार से काम चलाया जा रहा है.

वर्ष 2018 से जेल में बंद था उग्रवादी समीर तिर्की


बताया जाता है कि गुमला में वर्ष 2013 में अपहरण के बाद हत्या के एक मामले में गिरफ्तार समीर तिर्की वर्ष 2018 से जेल में बंद था. वर्ष 2022 में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी. समीर तिर्की पहले पहाड़ी चीता नामक उग्रवादी गिरोह में था. बाद में जोनल कमांडर परमेश्वर गोप तथा एरिया कमांडर बसंत तिर्की के साथ रहकर गुमला में उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया. एक बार गुमला के एक गांव में बसंत तिर्की और समीर तिर्की किसी घटना को अंजाम देने गये थे. उसी दौरान बसंत तिर्की ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया और पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी गयी थी.

थ्री लेयर की सिक्योरिटी में कैसे सेंध लगा कर भागा कैदी?


बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार के जेल में तीन लेयर में सुरक्षा के इंतजाम हैं. सारे सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर कैदी समीर तिर्की फरार हो गया. जेल के मुख्य गेट पर 10 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होती है. उसमें चार-एक हथियार बंद तथा चार-एक के अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होती है. जब कैदी कोर्ट अथवा अस्पताल से आते हैं, तो मुख्य गेट से अंदर आने पर उनकी पूरी तलाशी ली जाती है. उसके बाद उन्हें जेल के अंदर प्रवेश करने दिया जाता है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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