रांची में दो साल पहले बने जलमीनार, पर मोहल्ले में नहीं पहुंचा पानी

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 15 May 2026 7:35 AM

विज्ञापन

प्रतीकात्मक तस्वीर

Ranchi News: रांची में दो साल पहले बने आठ जलमीनार अब तक चालू नहीं हो सके हैं. रुक्का डैम से पाइपलाइन नहीं जुड़ने और एनएचएआई से एनओसी नहीं मिलने के कारण शहर के कई इलाकों में पानी सप्लाई ठप है. गर्मी में लोग नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

रांची से उत्तम कुमार की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचे. इसको लेकर जुडको ने पूरे शहर में आठ जल मीनारों का निर्माण कराया गया है. पिछले दो साल से ये जल मीनार बनकर तैयार हैं. लेकिन अब तक इन जलमीनारों से एक बूंद पानी किसी मोहल्ले में नहीं पहुंचा है. पानी सप्लाई नहीं होने का असर यह हुआ है कि शहर के एक बड़े इलाके के निवासी इस गर्मी में पूरी तरह से नगर निगम के टैंकर पर आश्रित हो गये हैं.

यहां-यहां बनकर तैयार हैं जल मीनार

पटेल पार्क हरमू, अमरुद बागान, बकरी बाजार, पहाड़ी मंदिर, बनहोरा वन व टू, मधुकम, पंडरा में जलमीनार बन कर तैयार हैं. वहीं हिंदपीढ़ी ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां अब तक जलमीनार का निर्माण नहीं हुआ है.

एनओसी के चक्कर में फंसा है मामला

शहरी जलापूर्ति योजना के तहत जुडको द्वारा पूरे शहर में 1150 करोड़ की लागत से सप्लाइ पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है. लेकिन रुक्का डैम से जिस राइजिंग पाइपलाइन के माध्यम से पानी आयेगा वह पाइपलाइन ही अब तक तिलता से रातू रोड तक नहीं बिछा है. नतीजा डैम से ही अब तक जलमीनारों तक पानी नहीं पहुंचा है. तिलता से रातू रोड तक पाइपलाइन बिछायी जाये. इसके लिए सड़क की खुदाई करके पाइपलाइन बिछानी होगी. इस सड़क खुदाई को लेकर जुडको द्वारा एनएचएआइ से अब तक आधा दर्जन बार एनओसी की मांग की गयी है. लेकिन एनएचएआइ द्वारा अब तक एनओसी नहीं दी गयी है. नतीजा पानी टंकी ही प्यासे रह गये हैं.

इसे भी पढ़ें: रेलवे ट्रैक पर फंसा ट्रेलर पर लदा पोकलेन, दो घंटे बाद धनबाद पहुंची कोल्ड फील्ड एक्सप्रेस

गर्मी में टैंकर से पानी बांटने को विवश है निगम

सप्लाई पाइपलाइन से पानी नहीं आने का असर शहर में यह हुआ है कि हर साल गर्मी के दिनों में जब लोगों के बोरिंग सुखने शुरू हो जाते हैं. तो ऐसे लोग पूरी तरह से नगर निगम के टैंकर पर आश्रित हो जाते हैं. पानी भरने के लिए लोग रतजगा तो कभी लोगों के बीच मारपीट भी हो जाती है.

इसे भी पढ़ें: परचून की दुकान पर गांजे का धंधा, बाप-बेटा समेत चार गिरफ्तार, 72,000 नकद बरामद

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola