रांची : बकाया बढ़ता रहा, तो डीवीसी को बंद करना पड़ सकता है उत्पादन
Updated at : 04 Sep 2018 7:57 AM (IST)
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रांची : डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो कभी भी डीवीसी को अपने पावर प्लांट से उत्पादन बंद करना पड़ सकता है. डीवीसी ने पांचवां पत्र झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड(जेबीवीएनएल) को भेजा है और तत्काल 3354 करोड़ रुपये बकाये के भुगतान करने […]
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रांची : डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि बकाये का भुगतान नहीं किया गया, तो कभी भी डीवीसी को अपने पावर प्लांट से उत्पादन बंद करना पड़ सकता है. डीवीसी ने पांचवां पत्र झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड(जेबीवीएनएल) को भेजा है और तत्काल 3354 करोड़ रुपये बकाये के भुगतान करने की मांग की है.
मालूम हो कि डीवीसी का झारखंड में कोडरमा, चंद्रपुरा और बोकारो में पावर प्लांट है, जिससे सात जिलों हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद में घरेलू से लेकर औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है.
डीवीसी ने चेताया है कि 15 सितंबर से इन इलाकों में 30 प्रतिशत लोड शेडिंग बढ़ जायेगी. वर्तमान में पैसे और कोयले की कमी का हवाला देते हुए डीवीसी द्वारा इन इलाकों में हर दिन छह से सात घंटे तक लोड शेडिंग की जा रही है. डीवीसी ने इसके पूर्व 23 अप्रैल, 11 मई, आठ अगस्त और 21 अगस्त को पत्र भेज कर बकाये भुगतान की मांग की. डीवीसी का पांचवा पत्र जेबीवीएनएल को तीन सितंबर को मिला है.
डीवीसी ने 15 दिनों का नोटिस दिया
डीवीसी ने जेबीवीएनएल को 15 दिनों का नोटिस भेज कर चेतावनी दी है कि 3354 करोड़ रुपये बकाये का भुगतान नहीं होता है तो 30 प्रतिशत लोड शेडिंग करनी होगी. इसके बाद जितनी देर होती जायेगी तो प्रत्येक सप्ताह 10-10 प्रतिशत की लोड शेडिंग बढ़ती जायेगी.
डीवीसी ने जेबीवीएनएल को भेजा पांचवां पत्र
क्या लिखा है पत्र में : पत्र में डीवीसी द्वारा लिखा गया है कि डीवीसी के रिकाॅर्ड के अनुसार जेबीवीएनएल के पास 31.8.2018 तक कुल 3354 करोड़ रुपये बकाया है. इसमें अप्रैल 2018 से अब तक किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है. केवल जून माह में 20 करोड़ रुपये डीवीसी को मिले हैं. डीवीसी द्वारा लिखा गया है कि डीवीसी को डेली बेसिस पर फंड की जरूरत होती है. इससे अॉपरेशन, मेंटेनेंस खर्च, प्लांट चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल के लिए लिये गये कर्ज व ब्याज की अदायगी होती है.
फंड की कमी के कारण डीवीसी को अपने प्लांट चलाने में परेशानी आ रही है. यदि बकाया इसी तरह जारी रहा और भुगतान नहीं हुआ तो विवश होकर डीवीसी को अपने प्लांट और अॉपरेशन बंद करने पड़ेंगे. दूसरी ओर डीवीसी ने किसी प्रकार का पेमेंट जेबीवीएनएल से नहीं प्राप्त किया है, इसके बावजूद डीवीसी अन्य स्त्रोतों से बिजली खरीदकर घाटी क्षेत्र के उपभोक्ताओं व इमरजेंसी सेवा के लिए आपूर्ति कर रहा है.
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