UN में अमेरिका पर भड़का ईरान: जहाजों की जब्ती को बताया समुद्री डकैती, तनाव कम करने के लिए दिया 3 स्टेज का प्लान

Author Govind jee
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ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी.

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Iran: समुद्री रास्तों पर वर्चस्व को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जंग तेज हो गई है. ईरान ने अमेरिकी घेराबंदी को खत्म करने के लिए तीन चरणों वाला शांति प्रस्ताव दिया है, जिसमें न्यूक्लियर प्रोग्राम को किनारे रखने की बात कही गई है.

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Iran: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ईरानी मीडिया आउटलेट तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद को एक पत्र भेजा है. इस पत्र में ईरान ने अमेरिकी नौसेना द्वारा उसके जहाजों को पकड़े जाने को सीधे तौर पर ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है. इरावानी ने कहा कि अमेरिका अपनी घरेलू नीतियों का हवाला देकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन कर रहा है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है.

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व्यापार और सुरक्षा पर खतरे की चेतावनी

ईरानी दूत ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा है. तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इरावानी ने इसे डराने-धमकाने वाली हरकत बताया है. उनका कहना है कि जहाजों को जबरन रोकना न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है, बल्कि इससे समुद्री रास्तों पर चलने वाले व्यापारी जहाजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है. ईरान का मानना है कि अमेरिका कूटनीति छोड़कर अब ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहा है.

शांति के लिए ईरान का नया प्रस्ताव 

तनाव के बीच ईरान ने एक शांति प्रस्ताव भी पेश किया है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्षेत्रीय देशों के जरिए एक नया प्लान भेजा है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका उसकी समुद्री नाकेबंदी हटा ले और युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाए, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में अपनी सैन्य गतिविधियां बंद कर देगा. रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के तहत ईरान अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम से जुड़ी चर्चाओं को फिलहाल टालने के लिए भी तैयार है.

ट्रंप इस प्रस्ताव का कर रहे हैं रिव्यू

ईरान के इस कदम को रूस का भी समर्थन मिला है. सोमवार को अब्बास अराघची ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की, जिसमें पुतिन ने ईरान को मदद का भरोसा दिया. वहीं, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रस्ताव का रिव्यू कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि भले ही ईरान डील के लिए गंभीर हो, लेकिन अमेरिका उसे समुद्री रास्तों पर पूरी दादागिरी करने की इजाजत नहीं देगा.

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क्या है 3 स्टेज का डिएस्केलेशन प्रोसेस?

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने तनाव कम करने के लिए तीन चरणों वाली योजना दी है:

  • पहला चरण: अमेरिका और इजरायल को युद्ध खत्म करना होगा और भविष्य में हमला न करने की गारंटी देनी होगी.
  • दूसरा चरण: समुद्री रास्तों के मैनेजमेंट के लिए तटस्थ बिचौलियों की निगरानी में एक लंबा समझौता होगा.
  • तीसरा चरण: ईरान पहले जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता सुनिश्चित करेगा, उसके बाद ही न्यूक्लियर कार्यक्रम और क्षेत्रीय फंडिंग जैसे मुद्दों पर बात शुरू करेगा.

विशेषज्ञों को संदेह: क्या सफल होगी ये बातचीत?

इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के एक्सपर्ट राज जिम्मट का कहना है कि जो मुद्दे युद्ध के दौरान नहीं सुलझे, उनके बाद में सुलझने की उम्मीद कम है. इसके बावजूद, द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बिचौलिए लगातार कोशिश कर रहे हैं कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए किसी नतीजे पर पहुंचें. फिलहाल, पूरे मामले में संशय बना हुआ है.

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