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भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का कर रही हूं प्रयास : कल्पना

Updated at : 21 Feb 2018 1:07 PM (IST)
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भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का कर रही हूं प्रयास : कल्पना

असम और भोजपुरी को मेरी जरूरत हैभोजपुरी भाषा से मुझे लगाव है वरीय संवाददाता, रांचीरांची : भोजपुरी लोक गायिका सह प्लेबैक सिंगर कल्पना पटवारी अपने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपने पहले गुरु और पिता विपिन पटवारी, भूपेन हजारिका व अपने दूसरे गुरु गुलाम मुस्तफा खां को देती हैं. उनका कहना है कि आज […]

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असम और भोजपुरी को मेरी जरूरत है
भोजपुरी भाषा से मुझे लगाव है


वरीय संवाददाता, रांची

रांची : भोजपुरी लोक गायिका सह प्लेबैक सिंगर कल्पना पटवारी अपने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपने पहले गुरु और पिता विपिन पटवारी, भूपेन हजारिका व अपने दूसरे गुरु गुलाम मुस्तफा खां को देती हैं. उनका कहना है कि आज वो जो कुछ भी हैं इन्हीं के बदौलत हैं. असम की बेटी कल्पना का नाम आज पूरे विश्व पटल पर है. असम के होने के बावजूद उन्होंने आज भोजपुरी को इस तरह से आत्मसात कर लिया कि अब उन्हें लोग भोजपुरी गीतों से जानते हैं. प्रभात खबर से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी काफी कुछ करना बाकी है. इटखोरी महोत्सव में हिस्सा लेने रांची पहुंची कल्पना कहती हैं कि फिलहाल तो मैं भोजपुरी को सम्मान दिलाने में जुटी हुई हूं. असम और भोजपुरी को मेरी जरूरत है. भोजपुरी एक बोली है भाषा नहीं है. इसे भाषा का दरजा दिलाना है.

भाेजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास कर रही हूं. कल्पना कहती हैं कि वो वर्ष 1993 में अपने पिता के साथ पहला स्टेज शो किया. लेकिन, मुझे प्लेटफॉर्म मुंबई ने दिया. वहां हमने टैलेंट शो में अव्वल हुईं तो शो में निर्णायक की भूमिका में मौजूद रहे गुलाम मुस्तफा खां ने मुझे चुना और सीखाने का बीड़ा उठाया. गुलाम मुस्तफा से कई नामचीन गायकों ने गुर सीखा. आज मैं भी उसी सूची में शामिल हूं. अच्छा लगता है. 30 भाषाओं में गाना गा चुकी कल्पना कई हिंदी फिल्मों को भी अपनी आवाज दे चुकी हैं. उन्होंने गायन के क्षेत्र में आने वाले युवा गायकों को भी सलाह दी है कि जो कुछ भी करो अच्छा करो. समाज को अाप क्या दे रहे हैं इस बारे में युवाओं को सोचने की जरूरत है.

आॅस्ट्रेलिया में हिस्सा लेंगी

ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन क्वींसलैंड में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में कल्पना पटवारी आमंत्रित की गयी हैं. वहां वे भिखारी ठाकुर द्वारा रचित गीतों को गायेंगी. साथ ही असम की लोकगीत से भी लाेगों को रू-ब-रू करायेंगी.

भोजपुरी भाषा आंदोलन कैसेट का विमोचन

भोजपुरी भाषा आंदोलन कैसेट का विमोचन मंगलवार को प्रभात खबर कार्यालय सभागार में हुआ. प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके दत्ता व खुद कल्पना पटवारी ने किया. कैसेट के बारे में कल्पना ने बताया कि इसमें डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना द्वारा लिखी गीतों का समावेश है. उन्हाेंने बताया कि कैसेट में शामिल गीतों के जरिये भोजपुरी को आठवीं सूची में शामिल कराने के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया है. भोजपुरी को सम्मान दिलाने के लिए लोगों को आगे आने की भी अपील की.

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