राष्ट्रपति तक पहुंचा जादूगोड़ा यूरेनियम खनन का मामला, झारखंड सरकार से मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट

Published by :Sweta Vaidya
Published at :07 May 2026 12:53 PM (IST)
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sanjiv kumar

जादूगोड़ा यूरेनियम खनन मामले को लेकर जानकारी देते सरकारी वकील संजीव कुमार अंबष्ठा

जादूगोड़ा यूरेनियम खनन से जुड़े स्वास्थ्य, पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गए हैं. रामगढ़ निवासी सरकारी वकील संजीव कुमार अंबष्ठा की याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने झारखंड सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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रामगढ़ से राजीव कुमार की रिपोर्ट

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा यूरेनियम खनन क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और विस्थापन से जुड़े गंभीर मुद्दे अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गए हैं. रामगढ़ निवासी और सरकारी वकील संजीव कुमार अंबष्ठा द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी गई याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है.

राष्ट्रपति सचिवालय ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रपति भवन के अवर सचिव लक्ष्मी महारा भूशनम ने झारखंड के मुख्य सचिव को ई-मेल भेजकर मामले में जरूरी कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट सीधे याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जादूगोड़ा क्षेत्र में यूरेनियम खनन से प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर भेजी गई याचिका “स्वतः स्पष्ट” है और इसे उचित कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया जा रहा है.

स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर का आरोप

सरकारी वकील संजीव कुमार अंबष्ठा ने अपनी याचिका में कहा है कि जादूगोड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से चल रहे यूरेनियम खनन कार्यों के कारण आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं. याचिका में कैंसर, जन्मजात विकृतियां, त्वचा रोग, बांझपन और श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों का उल्लेख किया गया है. साथ ही भूजल, कृषि भूमि और फसलों के प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.

मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

याचिका में कहा गया है कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की खदानों में कार्यरत कई स्थानीय मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और विकिरण संबंधी जागरूकता उपलब्ध नहीं हो पा रही है. इसके अलावा खनन परियोजनाओं के कारण आदिवासी परिवारों के विस्थापन और आजीविका की परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया है.

राष्ट्रपति से की गई कई मांगें

संजीव कुमार अंबष्ठा ने राष्ट्रपति से जादूगोड़ा क्षेत्र की स्वतंत्र जांच, व्यापक स्वास्थ्य सर्वेक्षण, मुफ्त चिकित्सा सुविधा, पानी और भूमि की वैज्ञानिक जांच, मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और आदिवासी समुदायों के लिए विशेष कल्याण पैकेज लागू करने की मांग की है.

मामले पर टिकी लोगों की नजरें

राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा झारखंड सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब पूरे मामले पर लोगों की नजरें टिक गई हैं. क्षेत्र के लोग इस मामले में आगे की कार्रवाई और सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं.

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श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

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