खास बातें15 साल पुराने टीएमसी शासन पर सर्जिकल स्ट्राइकBJP 5 Brahmastra: ये थे भाजपा की जीत के ‘5 ब्रह्मास्त्र’मुस्लिम बेल्ट में भाजपा की ऐतिहासिक सेंधशाह की वो भविष्यवाणी, जो 100 फीसदी सच साबित हुईअभेद्य किलों की कहानी : 119 में से 74 सीटें छीनीं10 जिलों में हो गया टीएमसी का सूपड़ा साफअमित शाह ने 15 दिन तक बंगाल में डाला डेरा BJP 5 Brahmastra: पश्चिम बंगाल की सत्ता से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विदाई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘राजतिलक’ की कहानी अब साफ होने लगी है. यह जीत कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि अमित शाह के सूक्ष्म प्रबंधन (Micro Management) और भाजपा के उन 5 ब्रह्मास्त्रों का नतीजा है, जिन्होंने दीदी के सबसे मजबूत गढ़ों को भी ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया. 15 साल पुराने टीएमसी शासन पर सर्जिकल स्ट्राइक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और अमित शाह की अचूक रणनीति ने उस बंगाल में ‘कमल’ खिला दिया, जहां मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में भाजपा को घुसने तक नहीं दिया जाता था. भाजपा ने न केवल 207 सीटें जीतीं, बल्कि टीएमसी के 15 साल पुराने शासन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर दी. BJP 5 Brahmastra: ये थे भाजपा की जीत के ‘5 ब्रह्मास्त्र’ सांस्कृतिक प्रहार : टीएमसी ने भाजपा को ‘बाहरी’ और ‘मांसाहार विरोधी’ बताकर जो नैरेटिव गढ़ा था, भाजपा ने उसे अपनी सांस्कृतिक पहचान के दांव से कुचल दिया. महिलाओं का सम्मान : महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को चुनावी विमर्श का केंद्र बनाया गया. घुसपैठ पर वार : घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के वादे ने स्थानीय मतदाताओं को गोलबंद किया. शीर्ष नेतृत्व का प्रबंधन : पीएम मोदी और अमित शाह ने हर छोटी गतिविधि का खुद बारीकी से प्रबंधन किया. कार्यकर्ताओं का अथक प्रयास : 80,000 बूथों पर हर एक मतदाता तक भाजपा कार्यकर्ताओं की सीधी पहुंच. इसे भी पढ़ें : सुनील बंसल, जिसने ओडिशा से बंगाल तक बनवा दी बीजेपी सरकार, पढ़ें मोदी-शाह के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार की पूरी कहानी मुस्लिम बेल्ट में भाजपा की ऐतिहासिक सेंध भाजपा की रणनीति का सबसे ‘ठोस सबूत’ उन जिलों से मिला, जहां मुस्लिम आबादी 26 से 66 प्रतिशत तक है. उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, मालदा और उत्तर दिनाजपुर की कुल 118 सीटों में से भाजपा ने 56 सीटें जीतीं. वर्ष 2021 में भाजपा के पास यहां केवल 14 सीटें थीं. यह आंकड़ा बताता है कि इस बार ‘माइनॉरिटी वोट बैंक’ में भी मोदी का विकास मॉडल असर कर गया. इसे भी पढ़ें : बंगाल का अगला बॉस कौन? शुभेंदु अधिकारी को शमिक, सुकांत और स्वपन दासगुप्ता दे रहे टक्कर शाह की वो भविष्यवाणी, जो 100 फीसदी सच साबित हुई जब टीएमसी ‘खेला होबे’ के नारे लगा रही थी, तब गृह मंत्री अमित शाह ने एक साहसिक भविष्यवाणी की थी. उन्होंने दावा किया था कि पहले चरण की 152 सीटों में से भाजपा 110 से अधिक सीटें जीतेगी. विपक्ष ने इसे मजाक बताया, लेकिन नतीजे आये तो भाजपा ने 117 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया. दूसरे चरण में भी भाजपा ने 90 सीटें जीतकर 2021 के अपने 18 सीटों के आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया. इसे भी पढ़ें : अंदरूनी कलह और ‘मिड-लेवल’ लीडरशिप की बेरुखी ने डुबोयी TMC की लुटिया! बंगाल में ममता का किला ढहने की इनसाइड स्टोरी अभेद्य किलों की कहानी : 119 में से 74 सीटें छीनीं पिछले 15 सालों से टीएमसी के कब्जे वाली 119 सीटों में से भाजपा ने 74 सीटें (62 फीसदी) छीन लीं. पिछले 10 साल से टीएमसी के पास रहीं 162 सीटों में से भाजपा ने 102 पर जीत दर्ज की. 10 जिलों में हो गया टीएमसी का सूपड़ा साफ पीएम मोदी की भविष्यवाणी सच हुई और कई जिलों में टीएमसी का खाता तक नहीं खुला. उत्तर बंगाल के कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और दक्षिण के पूर्व मेदिनीपुर, पुरुलिया और झारग्राम में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया. इसे भी पढ़ें : वोटर लिस्ट की ‘सफाई’ ने बदल दी बंगाल की किस्मत, SIR ने बिगाड़ा ममता बनर्जी का खेल अमित शाह ने 15 दिन तक बंगाल में डाला डेरा अमित शाह ने 15 दिनों तक बंगाल में डेरा डालकर जो बिसात बिछायी, उसने भाजपा के वोट प्रतिशत में 7 फीसदी की भारी वृद्धि की. यही वजह है कि आज बंगाल की राजनीति में एक नये युग का सूत्रपात हुआ है. इसे भी पढ़ें इस्तीफा नहीं दूंगी, चाहे राष्ट्रपति शासन लगा दो, हार के बाद ममता बनर्जी का रौद्र रूप, कहा- सुप्रीम कोर्ट से इंटरनेशनल कोर्ट तक जायेगी TMC संदेशखाली में खूनी खेल, पुलिस और जवानों पर फायरिंग, थाना प्रभारी समेत 5 जख्मी, भारी मात्रा में बम-बारूद बरामद रवींद्र जयंती पर 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ लेंगे भाजपा के नये सीएम, मौजूद रहेंगे पीएम मोदी और शाह ममता बनर्जी की जनादेश के खिलाफ मुख्यमंत्री बने रहने की जिद, संविधान विशेषज्ञों से जानें 7 मई को क्या होगा