झारखंड के सशक्त आदिवासी नेता थे रामदास सोरेन, जमशेदपुर में बोले सीएम हेमंत सोरेन

कल्पना सोरेन ने रामदास सोरेन के परिजनों को ढाढ़स बंधाया. फोटो : ऋषि तिवारी
Hemant Soren Meets Ramdas Soren Family: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के घोड़ाबांधा आवास पहुंचे. यहां उन्होंने रामदास सोरेन के परिवार को ढाढ़स बंधाया और विश्वास दिलाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और पूरा समाज उनके साथ है. उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन सशक्त आदिवाशी नेता थे. उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है.
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Hemant Soren Meets Ramdas Soren Family: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी धर्मपत्नी एवं गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन बुधवार (20 अगस्त 2025) को दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर संवेदना व्यक्त करने उनके घोड़ाबांधा स्थित आवास पहुंचे. शोकाकुल परिजनों से मिले और उन्हें ढाढ़स बंधाया. इस दौरान सीएम ने दिवंगत नेता के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.
सशक्त आदिवासी नेता थे रामदास सोरेन – सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामदास सोरेन झारखंड की राजनीति के एक सशक्त आदिवासी नेता थे, जिन्होंने सदैव वंचित-शोषित समुदायों के लिए आवाज उठायी. वे न सिर्फ संगठन में सक्रिय रहे, बल्कि मंत्री रहते हुए जनता के बीच लगातार काम करते रहे. सीएम ने कहा कि उनकी सेवाएं और योगदान झारखंड के लोगों को हमेशा याद रहेगा.
‘झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है रामदास दा का जाना’
शोक संवेदना प्रकट करते हुए हेमंत सोरेन ने रामदास सोरेन ने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे इस कठिन समय में अकेले नहीं हैं. सरकार और पूरा समाज उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित नेताओं का जाना केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा या उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है.
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Hemant Soren 55 मिनट पूर्व शिक्षा मंत्री के घर रहे
बुधवार को मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे रामदास सोरेन के घोड़ाबांधा स्थित आवास पहुंचे. करीब 55 मिनट तक उनके आवास पर रहने के बाद 3:10 बजे रांची के लिए रवाना हुए. इससे पूर्व दोपहर में रांची से जमशेदपुर आगमन पर सोनारी एयरपोर्ट पर जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

‘संघर्ष से बनायी थी पहचान, झारखंड आंदोलन में था अहम योगदान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामदास सोरेन ने संघर्ष से अपनी एक अलग पहचान बनायी थी. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में अलग झारखंड राज्य की खातिर हुए आंदोलनों में भी उन्होंने अहम योगदान दिया था. उनका व्यवहार काफी सरल और सहज था.
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आम लोगों के दुख-दर्द में हमेशा रहे शरीक – सीएम
उन्होंने कहा कि एक आंदोलनकारी होने के साथ-साथ उनका व्यापक सामाजिक सरोकार था. वे अपने सार्वजनिक जीवन में आम लोगों के दुख-दर्द और समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा खड़े रहे. वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व और कार्य सदैव ऊर्जा प्रदान करता रहेगा.

बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, लगातार कर रहे थे प्रयास – हेमंत
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री के रूप में रामदास सोरेन काफी बेहतर कार्य कर रहे थे. सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उन्होंने कई नयी पहल की थी. सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना मजबूत करने का काम तेज गति से हो रहा था. गांव-देहात के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इस पर उनका विशेष जोर था.
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By Mithilesh Jha
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