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अनूप माजी को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी ईडी, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी

Updated at : 17 Feb 2026 9:14 PM (IST)
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Coal Smuggling Case West Bengal News Anup Maji

अनूप माजी उर्फ लाला को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत हुई खत्म. फोटो : प्रभात खबर

Coal Smuggling Case: पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा पर ईसीएल की कोयला खदानों से कोयले की तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी मुश्किल सुप्रीम कोर्ट ने आसान कर दी है. कोर्ट ने कोयला तस्करी के मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की छूट दे दी है.

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Coal Smuggling Case: सुप्रीम कोर्ट ने कोयला तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ ‘लाला’ को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ करने का आदेश दिया है. अनूप माजी लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में है, लेकिन अब तक उसे हिरासत में नहीं लिया जा सका है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद

ईडी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अदालत से मिले संरक्षण के कारण वह लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं कर पा रही है. सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजरिया की बेंच ने इस बाधा को खत्म कर दिया. देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि ईडी अनूप माजी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है. इससे जांच में तेजी आने की उम्मीद है.

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी अग्रिम जमानत

इससे पहले लाला को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह ईडी के सामने पेश नहीं हुआ. जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. आरोप है कि कोयला खदानों से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसकी तस्करी की जाती थी, जिसमें ईसीएल, सीआईएसएफ और रेलवे के कुछ कर्मियों की मिलीभगत है. सीबीआई ने लाला की संपत्ति जब्त की है.

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आसनसोल की अदालत ने लाला को दिया था सरेंडर का नोटिस

आसनसोल की निचली अदालत ने 2024 में लाला को आत्मसमर्पण करने का नोटिस भेजा था. संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट से उसे अंतरिम राहत मिली. शर्त यह थी कि वह जांच में सहयोग करेगा, निचली अदालत के निर्देशों का पालन करेगा और क्षेत्र नहीं छोड़ेगा.

सुप्रीम कोर्ट से लाला को मिला हुआ था संरक्षण

ईडी सूत्रों के अनुसार, हाल में जब एजेंसी ने लाला को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट से मिले संरक्षण के कारण वह ऐसा नहीं कर पायी. इसीलिए शीर्ष अदालत की अनुमति जरूरी थी. अब अनुमति मिलने के बाद ईडी पूछताछ की प्रक्रिया तेज करेगी.

पुरुलिया के रघुनाथपुर क्षेत्र का मूल निवासी है अनूप माजी

अनूप माजी का जन्म पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर क्षेत्र में हुआ था. बाद में वह पश्चिम बर्दवान के आसनसोल में सक्रिय हुआ. वहीं कथित रूप से कोयला तस्करी नेटवर्क से जुड़ गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस अवैध कारोबार में करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ और इसमें कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आये.

जयदेव मंडल और विनय मिश्रा भी हैं आरोपी

इस मामले में अन्य आरोपियों में जयदेव मंडल और विनय मिश्रा का नाम भी शामिल है. विनय मिश्रा लंबे समय से फरार है, जबकि जयदेव मंडल जमानत पर बाहर है. अब तक केंद्रीय एजेंसियों को लाला की कस्टडी नहीं मिल पायी थी. सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद जांच एजेंसियों को अहम बढ़त मिली है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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