जमशेदपुर : अधिसूचना से पहले नहीं खर्च होगा वीमेंस यूनिवर्सिटी का फंड

Updated at : 05 Feb 2019 6:42 AM (IST)
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जमशेदपुर :  अधिसूचना से पहले नहीं खर्च होगा वीमेंस यूनिवर्सिटी का फंड

जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में बिष्टुपुर स्थित ऑटोनामस दर्जा प्राप्त जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज को जमशेदपुर महिला विवि में अपग्रेड कर दिया. झारखंड सरकार ने स्थानीय स्तर पर शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दरअसल, इस पूरी प्रक्रिया के बावजूद नियमानुसार जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज जमशेदपुर वीमेंस विश्वविद्यालय बनने […]

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जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में बिष्टुपुर स्थित ऑटोनामस दर्जा प्राप्त जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज को जमशेदपुर महिला विवि में अपग्रेड कर दिया. झारखंड सरकार ने स्थानीय स्तर पर शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

दरअसल, इस पूरी प्रक्रिया के बावजूद नियमानुसार जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज जमशेदपुर वीमेंस विश्वविद्यालय बनने से एक कदम दूर रह गया. विशेषज्ञों की मानें, तो वीमेंस यूनिवर्सिटी के मामले में झारखंड सरकार का उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग स्तरोन्नयन और नव स्थापना में बुनियादी फर्क के बीच फंस गया है. झारखंड विधानसभा में महिला विवि को लेकर पारित संशोधित विधयक अब तक झारखंड के राज्यपाल सचिवालय की तरफ से अधिसूचित नहीं किया गया है. लिहाजा कॉलेज विश्वविद्यालय का स्वरूप ग्रहण नहीं कर सका.
उच्च शिक्षा सचिव ने कहा महिला विवि के रूप में नये सत्र से दाखिला संभव नहीं लगता. हकीकत इसे ठीक विपरीत है. राजभवन की अधिसूचना के साथ ही कॉलेज स्वभावित रूप से विवि में परिवर्तित हो जायेगा. इसमें अब कहीं कोई तकनीकी पेंच नहीं है. विवि की अधिसूचना के बगैर किसी तरह का नया निर्माण कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सकता.
अधिसूचना के बगैर नहीं खर्च कर सकेंगे राशि. रूसा के मद में आवंटित होने वाली राशि 60 फीसद केन्द्र और 40 फीसद राज्यांश के रूप में आता है. प्राप्त होने वाला आवंटन अलग-अलग किश्त में प्राप्त होता है. हर किश्त का उपयोगिता प्रणाम पत्र जमा होने पर अगली किश्त भेजी जाती है.
हर किश्त के साथ यह निर्देश होता है कि 35 फीसद नये निर्माण, 35 फीसद जीर्णोद्धार और 30 फीसद क्रय के अनुपात में खर्च किया जाना है. रविवार को जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखी गई. प्रावधानों के तहत नये निर्माण में अनुदान का महज 35 फीसद हिस्सा ही जुड़ा है. रूसा दस्तावेज के मुताबिक खर्च होने वाली राशि की निगरानी के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) को करना है.
वीमेंस यूनिवर्सिटी की अधिसूचना के बगैर पीएमयू का गठन नहीं हो सकता. बड़ा सवाल है कि ऐसे में रूसा के आवंटन से होने वाले कार्यों की मॉनिटरिंग कौन करेगा. कार्य प्रगति की रिपोर्ट भुवन ऐप पर नियमित अंतराल पर अपलोड की जानी है. केंद्र से प्राप्त होने वाले आवंटन के प्रत्येक किश्त में जीर्णोद्धार के लिये भी 35 फीसद की राशि खर्च होनी है.
अगर विवि प्रारंभ नहीं किया गया तो जीर्णोद्धार की राशि कहां खर्च हो जायेगा. सवाल है कि क्या दो वर्ष में प्रस्तावित विश्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण के साथ ही जीर्णोद्धार भी प्रारंभ हो जायेगा.
रूसा झारखंड की वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के अनुसार कंपोनेंट वन के तहत 17.4 करोड़ रुपये की राशि केन्द्र ने 29 जून 2016 को आवंटित कर दी. राज्य ने 11.6 करोड़ का अंशदान किया. इसमें जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की ओर से 0.3 करोड़ रुपये का उपोगिता प्रमाण पत्र दिया गया है.
हकीकत में जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज को दो करोड़ की राशि कंपोनेंट 7 इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट के रूप में मिली. कंपोनेंट 1 का प्रावधान लागू होने के बाद कंपोनेंट 7 कि राशि को इसी में समायोजित करने की जानकारी भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में दी गयी.
एक तरफ जहां केंद्र वीमेंस कॉलेज को यूनिवर्सिटी मानकर आवंटन जारी कर रहा वहीं दूसरी ओर राज्य का उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल शिक्षा विभाग अब तक प्रक्रियागत खामियों के कारण विवि की अधिसूचना को लेकर तथ्य विचलन करने में जुटा हुआ है.
इसी तरह प्रोक्योरमेंट के लिए 30 फीसद राशि से होने वाले क्रय विश्वविद्यालय की ओर से किया जाना है. अधिसूचना जारी नहीं होने से वीमेंस कॉलेज ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता के आरोप में फंस सकता है. प्रदान की गयी राशि तकनीकी रूप से प्रावधान के अनुसार खर्च नहीं मानी जायेगी.
कुछ ऐसे फंसी है प्रक्रिया
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के प्रावधानों के अनुसार कॉलेज को विश्वविद्यालय में परिवर्तित करना कंपोनेंट वन पहली शर्त है. इसके बगैर रूसा के मद में प्राप्त होने वाली राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्गत करना संभव नहीं हो सकेगा. उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो विधानसभा से पारित संशोधन विधेयक की फाइल अब तक मुख्य सचिव के कार्यालय से उच्च शिक्षा विभाग को प्राप्त नहीं हुई है.
यह फाइल उच्च शिक्षा विभाग से राज्यपाल सचिवालय को भेजी जानी है. रूसा के प्रावधानों के अनुसार स्वायत्त और सीपीई कॉलेज का स्तरोन्नयन विश्वविद्यालय के रूप में किया जाता है. इसके लिये 55 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है. इस श्रेणी में आने वाले कॉलेज को राज्य के विधान मंडल की ओर से एक्ट में संशोधन कर विश्वविद्यालय का दर्जा देना है. जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के मामले में यह प्रक्रिया राज्यपाल के हस्ताक्षर एवं राज्यपाल सचिवालय के अधिसूचना के बगैर पूर्ण नहीं हो सकती.
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