झारखंड में मनरेगा कर्मियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, लागू होगा 'नो वर्क नो पे' नियम
Published by : Sameer Oraon Updated At : 27 May 2026 7:07 PM
ग्रामीण विकास विभाग ने 'नो वर्क नो पे' लागू किया
Jharkhand MGNREGA Strike: झारखंड में 12 मार्च से जारी मनरेगा कर्मियों की हड़ताल को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने 'नो वर्क नो पे' लागू करते हुए बीडीओ के नाम से नई लॉगिन आईडी बनाने और पंचायत सचिवों से जियो-टैगिंग कराने का आदेश दिया है.
रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट
Jharkhand MGNREGA Strike, रांची: झारखंड में मनरेगा (MGNREGA) कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए बेहद जरूरी और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों में मनरेगा योजनाओं का काम किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो और गरीब मजदूरों को समय पर रोजगार मिलता रहे. विभाग के संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक (DC) तथा उप विकास आयुक्तों (DDC) को पत्र भेजकर आवश्यक वैकल्पिक तैयारी तुरंत पूरी करने को कहा है. गौरतलब है कि राज्य में मनरेगा कर्मी बीते 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.
मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी संभालेंगे कमान
संयुक्त सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मनरेगा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण दैनिक सरकारी कार्यों के निष्पादन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने निर्देश दिया है कि ब्लॉकों में काम न रुके, इसके लिए ‘ब्लॉक एडमिन’ या ‘डीबीसी एडमिन’ के माध्यम से मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी (BDO) के नाम से एक नया लॉगिन आईडी और पासवर्ड तुरंत बनाया जाए. इस नई लॉगिन आईडी के जरिए मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी स्वयं अथवा अपने सीधे पर्यवेक्षण (Supervision) में दैनिक कार्यों को निबटाएंगे.
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हड़ताल अवधि का नहीं मिलेगा मानदेय
हड़ताली कर्मियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम ठप करने वाले कर्मचारियों पर ‘नो वर्क नो पे’ (No Work No Pay) का सिद्धांत लागू होगा. जितने दिन कर्मी हड़ताल पर रहेंगे, उतने दिनों का उन्हें कोई मानदेय या वेतन नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी हड़ताली कर्मी द्वारा अपनी पुरानी डिजिटल लॉगिन आईडी या सरकारी डेटा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई, तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
PMAY-G को-ऑर्डिनेटर और पंचायत सचिव संभालेंगे जिम्मा
प्रखंड और पंचायत स्तर पर काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने निम्नलिखित वैकल्पिक खाका तैयार किया है.
- ब्लॉक स्तर पर पदस्थापित अन्य सरकारी कर्मियों, अधिकारियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के प्रखंड समन्वयकों (Block Coordinators) की मदद से कराया जाएगा.
- मनरेगा योजनाओं के तीनों महत्वपूर्ण चरणों की जियो-टैगिंग का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए यह जिम्मेदारी सीधे पंचायत सचिवों और जनसेवकों को सौंपने का निर्देश दिया गया है.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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