मेरी सुरक्षा खतरे में, कॉलेज में रिवाल्वर रखने की अनुमति दी जाये

Updated at : 22 Oct 2018 7:36 AM (IST)
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मेरी सुरक्षा खतरे में, कॉलेज में रिवाल्वर रखने की अनुमति दी जाये

जमशेदपुर : सोशल नेटवर्किंग साइट पर महिलाओं की ओर से चलाये अभियान ‘मी टू’ के बीच केयू के एलबीएसएम कॉलेज के गणित विभाग की शिक्षिका सविता मिश्रा ने फेसबुक पर अपनी भावनाएं साझा की हैं. उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह से कॉलेज के दो शिक्षक सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते हैं. साथ ही घसीटकर […]

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जमशेदपुर : सोशल नेटवर्किंग साइट पर महिलाओं की ओर से चलाये अभियान ‘मी टू’ के बीच केयू के एलबीएसएम कॉलेज के गणित विभाग की शिक्षिका सविता मिश्रा ने फेसबुक पर अपनी भावनाएं साझा की हैं. उन्होंने कहा कि पिछले तीन माह से कॉलेज के दो शिक्षक सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते हैं. साथ ही घसीटकर थाने ले जाने की बात करते हैं. सभी लोग चुप्पी साधे रहते हैं.

शिक्षिका ने गत 27 जुलाई को कुलपति को पत्र लिखकर कॉलेज के राजनीति शास्त्र व मैथिली विभाग के दो शिक्षकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये थे. विवि प्रशासन ने इस मामले में महिला शिकायत निवारण कोषांग को जांच का जिम्मा सौंपा. जांच पूरी होने से पहले ही महिला शिक्षिका ने जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिये हैं.

शिक्षिका ने गत 11 अक्तूबर 2018 को कुलपति को संबोधित आठ पन्नों का दूसरा पत्र भेजा है. संबंधित पत्र विवि की कार्रवाई और रिपोर्ट जमा होने से पहले ही लीक हो गया है. पत्र में नौ अलग-अलग बिन्दुओं पर सवाल खड़े किये गये हैं. शिक्षिका ने पत्र में अपनी सुरक्षा को खतरा बताते हुए कॉलेज में लाइसेंसी रिवाल्वर रखने की अनुमति प्रदान करने को कहा है. कहा गया है कि कॉलेज में मात्र दो स्थायी शिक्षिकाएं हैं. लेडी स्टाफ रूम नहीं है. कॉलेज में लेडी स्टाफ रूम और लेडी टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है.

उन्होंने स्टाफ रूम और स्टाफ रूम के गलियारे में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है. आरोप पत्र में उन्होंने कॉलेज के दो शिक्षकों के तबादले और अपनी पूर्व लिखित शिकायत पर सीबीआई जांच की सिफारिश सरकार को भेजने के लिए कहा है. दूसरे पत्र में आधे दर्जन लोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये गये हैं.

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कुलपति के नाम भेजे गये दूसरे पत्र में कहा गया है कि 27 जुलाई 2018 को की गयी उनकी शिकायत के आलोक में दो महीने आठ दिन बाद विवि की टीम पांच अक्तूबर को जांच के लिए कॉलेज पहुंची. कहा गया है कि जांच को पहुंची पांच सदस्यीय टीम में डॉ पूर्णिमा कुमार सक्रिय सदस्य हैं. आरोपी विनय गुप्ता पिछले आठ वर्षों से डॉ पूर्णिमा कुमार के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं. दोनों के घनिष्ठ संबंध से सभी पूर्व परिचित हैं. डॉ पूर्णिमा कुमार का टीम का सक्रिय हिस्सा होना, इस टीम की वैधता पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है.
आरोपी शिक्षकों के बैठने से लेकर देखने तक के तरीके बहुत अजीब रहते थे. इसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. काॅलेज के स्टाफ रूम में छिपकर तस्वीर खींची गयी थी. पूर्व में भी एक महिला शिक्षिका की तस्वीर इनके पास देखी गयी थी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ अमर सिंह की तरफ से विवि को रिपोर्ट भेजी गयी. इस पर विवि के स्तर से कार्रवाई नहीं की गयी.
– डॉ. सविता मिश्रा, पीड़ित शिक्षिका, एलबीएसएम
मैंने विवि को पहले ही लिखित रूप से यह बताया है कि महिला शिक्षिका को बहुत तरह की आशंका है. इसका इलाज वह खुद ही कर सकती हैं. किसी दूसरे के पास इसका इलाज नहीं है. किसी जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करना सदस्यों की गरिमा पर प्रहार करना है.
विनय गुप्ता, शिक्षक, राजनीति शास्त्र, एलबीएसएम कॉलेज
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