हजारीबाग में 2 अप्रैल से चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेला, साहित्य और संस्कृति का संगम

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 31 Mar 2026 9:28 PM

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पुस्तक मेला में किताबों को देखते लोग. एआई जेनरेटे प्रतीकात्मक फोटो.

Hazaribagh Book Fair: हजारीबाग में 2 से 5 अप्रैल तक चार दिवसीय भव्य पुस्तक मेला आयोजित होगा, जिसमें हजारों किताबें, बच्चों के लिए नि:शुल्क प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. यह आयोजन पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को पुस्तकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh Book Fair: हजारीबाग शहर में 2 अप्रैल से एक भव्य चार दिवसीय पुस्तक मेला आयोजित होने जा रहा है, जो 5 अप्रैल तक चलेगा. अंतर्राष्ट्रीय बाल पुस्तक दिवस के अवसर पर आयोजित इस मेले में साहित्य, शिक्षा और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. यह आयोजन समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली और पुस्तक मेला समिति, रांची के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है.

डायट परिसर बनेगा ज्ञान का केंद्र

टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (डायट), झील रोड स्थित परिसर इस पुस्तक मेले का मुख्य स्थल होगा. यहां देशभर के प्रमुख प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. पाठकों को एक ही स्थान पर हजारों पुस्तकों का विशाल संग्रह मिलेगा, जिसमें साहित्यिक, शैक्षणिक, धार्मिक, प्रतियोगी परीक्षाओं और बाल साहित्य से जुड़ी किताबें शामिल होंगी. यह मेला हर वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगा.

बच्चों के लिए खास आकर्षण और प्रतियोगिताएं

इस पुस्तक मेले का मुख्य आकर्षण बच्चों के लिए आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी. इसमें कविता पाठ, कहानी लेखन, चित्रकला और नृत्य प्रतियोगिताएं शामिल हैं. खास बात यह है कि सभी प्रतियोगिताएं नि:शुल्क होंगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चे इसमें भाग ले सकेंगे. विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे बच्चों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा मेला

पुस्तक मेले को और भी खास बनाने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. कवि सम्मेलन और कवयित्री सम्मेलन जैसे कार्यक्रम इस मेले की शोभा बढ़ाएंगे. इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय और बाहरी प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, जिससे साहित्यिक वातावरण और भी समृद्ध होगा.

पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

समय इंडिया के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं लेखक चंद्र भूषण ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में किताबों से दूरी बढ़ रही है, ऐसे में इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को पुस्तकों के प्रति आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और पुस्तक प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की.

हर दिन सुबह 11 से रात 9 बजे तक खुला रहेगा मेला

यह पुस्तक मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहेगा, ताकि लोग अपनी सुविधा के अनुसार यहां आ सकें. यह आयोजन न केवल किताबों की खरीद-बिक्री तक सीमित रहेगा, बल्कि ज्ञान, रचनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक बड़ा मंच भी बनेगा.

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ज्ञान और रचनात्मकता का उत्सव बनेगा मेला

हजारीबाग में आयोजित यह पुस्तक मेला शहर के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन साबित होगा. यहां आने वाले लोग न केवल किताबों से जुड़ेंगे, बल्कि विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को भी निखार सकेंगे. यह मेला निश्चित रूप से पठन संस्कृति को नई दिशा देने का कार्य करेगा.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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