झारखंड हाईकोर्ट की बोकारो SP को फटकार, कहा- लापता केस में पुलिस का हाथ खाली क्यों? दी बड़ी चेतावनी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 15 May 2026 7:38 PM

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झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो में 2020 से लापता एक नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने CID को तीन हफ्ते का समय देते हुए कहा कि संतोषजनक जांच न होने पर मामला CBI को सौंपा जा सकता है.

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Jharkhand High Court, रांची, (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड उच्च न्यायालय ने बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से एक 14 वर्षीय नाबालिग के लापता होने के मामले में बोकारो पुलिस की कार्यशैली पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पुलिस की विफलताओं को उजागर करते हुए सवाल किया कि आखिर लापता मामलों में बोकारो पुलिस के हाथ हमेशा खाली क्यों रह जाते हैं?

हाईकोर्ट ने अधिकारियों की गंभीरता पर उठाए सवाल

अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बोकारो के पूर्व व वर्तमान पुलिस अधीक्षक (SP) और डीएसपी लापता होने वाले मामलों के खुलासे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं. खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा – ”पुलिस स्वयं मान रही है कि यह अपहरण का मामला हो सकता है, लेकिन जांच उस दिशा में नहीं की जा रही है. दो बेंचों की खंडपीठ ने नार्को टेस्ट में पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी दावा किया. उन्होंने ने कहा कि 2020 में दर्ज इस प्राथमिकी में तीन लोगों का नार्को टेस्ट होना था, लेकिन एक व्यक्ति को खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर छोड़ दिया गया. कोर्ट ने यहां तक कहा दिया कि बोकारो पुलिस की विफलता को छिपाने के लिए केस को अप्रैल 2026 में सीआईडी (CID) को हस्तांतरित कर दिया गया.

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CBI जांच की दी चेतावनी

सीआईडी की केस डायरी का अध्ययन करने के बाद खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान अनुसंधान सही दिशा में नहीं है. कोर्ट ने सीआईडी को अगले तीन सप्ताह के भीतर जांच में ठोस प्रगति दिखाने का निर्देश दिया. अदातल ने कहा कि यदि सीआईडी की जांच संतोषजनक नहीं पाई गई, तो अदालत राज्य एजेंसी और सीबीआई (CBI) को संयुक्त रूप से जांच करने का आदेश दे सकती है.

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला 16 अक्तूबर 2020 का है, जब एक 14 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी. उसकी मां ने पिंडराजोरा थाना में कांड संख्या 161/2020 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बेटी का सुराग न मिलने पर मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे बरामद करने की गुहार लगाई है. मामले की अगली सुनवाई अब 8 जून को होगी.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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