झारखंड हाईकोर्ट की बोकारो SP को फटकार, कहा- लापता केस में पुलिस के हाथ खाली क्यों? दी बड़ी चेतावनी

Updated:
विज्ञापन
Jharkhand High Court

झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो में 2020 से लापता एक नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने CID को तीन हफ्ते का समय देते हुए कहा कि संतोषजनक जांच न होने पर मामला CBI को सौंपा जा सकता है.

विज्ञापन

Jharkhand High Court, रांची, (राणा प्रताप की रिपोर्ट): झारखंड उच्च न्यायालय ने बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से एक 14 वर्षीय नाबालिग के लापता होने के मामले में बोकारो पुलिस की कार्यशैली पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पुलिस की विफलताओं को उजागर करते हुए सवाल किया कि आखिर लापता मामलों में बोकारो पुलिस के हाथ हमेशा खाली क्यों रह जाते हैं?

हाईकोर्ट ने अधिकारियों की गंभीरता पर उठाए सवाल

अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बोकारो के पूर्व व वर्तमान पुलिस अधीक्षक (SP) और डीएसपी लापता होने वाले मामलों के खुलासे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं. खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा – ”पुलिस स्वयं मान रही है कि यह अपहरण का मामला हो सकता है, लेकिन जांच उस दिशा में नहीं की जा रही है. दो बेंचों की खंडपीठ ने नार्को टेस्ट में पुलिस पर लापरवाही बरतने का भी दावा किया. उन्होंने ने कहा कि 2020 में दर्ज इस प्राथमिकी में तीन लोगों का नार्को टेस्ट होना था, लेकिन एक व्यक्ति को खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर छोड़ दिया गया. कोर्ट ने यहां तक कहा दिया कि बोकारो पुलिस की विफलता को छिपाने के लिए केस को अप्रैल 2026 में सीआईडी (CID) को हस्तांतरित कर दिया गया.

Also Read: सात फेरे, सात दिन और फिर खेला खत्म, गढ़वा के रंका में फंदे से झूल गई नई नवेली दुल्हन

CBI जांच की दी चेतावनी

सीआईडी की केस डायरी का अध्ययन करने के बाद खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान अनुसंधान सही दिशा में नहीं है. कोर्ट ने सीआईडी को अगले तीन सप्ताह के भीतर जांच में ठोस प्रगति दिखाने का निर्देश दिया. अदातल ने कहा कि यदि सीआईडी की जांच संतोषजनक नहीं पाई गई, तो अदालत राज्य एजेंसी और सीबीआई (CBI) को संयुक्त रूप से जांच करने का आदेश दे सकती है.

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला 16 अक्तूबर 2020 का है, जब एक 14 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी. उसकी मां ने पिंडराजोरा थाना में कांड संख्या 161/2020 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बेटी का सुराग न मिलने पर मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे बरामद करने की गुहार लगाई है. मामले की अगली सुनवाई अब 8 जून को होगी.

Also Read: Saraikela: गोविंदपुर चौक पर 1.12 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक बस स्टैंड

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola