नोवामुंडी में मां मंगला की पूजा में उमड़ा जनसैलाब, श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम

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मां मंगला की मूर्ति की पूजा. फोटो: प्रभात खबर

Noamundi Mangala Puja: नोवामुंडी में मां मंगला की पूजा धूमधाम से संपन्न हुई, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. शोभायात्रा, घट स्थापना और पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई. पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल रहा और जयकारों से वातावरण गूंज उठा, जिससे आस्था और एकता का संदेश मिला. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Noamundi Mangala Puja: झारखंड के नोवामुंडी में मां मंगला की पूजा इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई. क्षेत्र के मनसा मंदिर, बालीझरण, लखनसाई फॉरेस्ट ऑफिस पिलर नंबर 7 के नीचे और आज़ाद बस्ती समेत कई स्थानों पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. सुबह होते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई और श्रद्धालु पूजा सामग्री की खरीदारी में जुट गए.

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पूजा सामग्री के साथ श्रद्धालुओं की भीड़

श्रद्धालु सिर पर पूजा की टोकरी, चुनरी, फल-प्रसाद, केंदु फूल और चहार फल लेकर भक्ति भाव से पूजा स्थलों की ओर बढ़ते नजर आए. हर तरफ भक्ति का माहौल देखने को मिला. महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे मां मंगला की पूजा के लिए उत्साहित दिखे.

छठ तालाब तक निकली भव्य शोभायात्रा

पूजा स्थल से सभी श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ ऐतिहासिक उड़िया छठ तालाब पहुंचे. वहां स्नान-ध्यान करने के बाद पुजारियों ने विधिवत मां मंगला की घट पूजा संपन्न कराई. इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां के पवित्र घट को माथे पर धारण कर भव्य शोभायात्रा के साथ पुनः पूजा स्थल तक यात्रा निकाली.

विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना

पूजा स्थल पर पहुंचकर मां मंगला की विधिपूर्वक स्थापना की गई. पूजा के दौरान केंदु, महुआ, आम, केंदु फूल, चहार फल, खोई और बताशा अर्पित किए गए. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मुर्गा और बतख की बलि भी दी गई, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है.

पुजारियों और श्रद्धालुओं की अहम भूमिका

मनसा मंदिर में पुरोहित निलेश ठक्कर के नेतृत्व में सहायक पुजारियों की टीम ने पूजा संपन्न कराई. वहीं आज़ाद बस्ती में भी कई पुजारियों और स्थानीय लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस आयोजन में स्थानीय समुदाय की एकजुटता साफ झलकती नजर आई.

महिलाओं की श्रद्धा और भक्ति का अनूठा रूप

इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं नए वस्त्र पहनकर उपवास रखकर पूजा में शामिल हुईं. उन्होंने पूरे विधि-विधान से मां की आराधना की और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोला. कई महिलाएं भक्ति में झूमती नजर आईं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.

जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र

पूजा के दौरान पूरा नोवामुंडी “जय मां मंगला” के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालुओं में अंजलि नाग, जयश्री हेसा, दुर्गा पान, सुनीता देवी, मीता ठक्कर, दीपिका पान, रीता सामंता, बीजू सामंता, ज्योति लोहार और ललिता सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.

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आस्था और एकता का संदेश

यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा का भी अद्भुत उदाहरण है. नोवामुंडी में मां मंगला की पूजा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सामूहिक भक्ति और परंपराएं समाज को जोड़ने का काम करती हैं.

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