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वन नेशन वन इलेक्शन के लाभ और नुकसान दोनों : डॉ सीपी

Updated at : 06 Aug 2024 6:36 PM (IST)
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वन नेशन वन इलेक्शन के लाभ और नुकसान दोनों : डॉ सीपी

विभावि स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में मंगलवार को वन नेशन वन इलेक्शन विषय पर व्याख्यान हुआ.

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विभावि स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में वन नेशन वन इलेक्शन विषय पर व्याख्यान

हजारीबाग.

विभावि स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में मंगलवार को वन नेशन वन इलेक्शन विषय पर व्याख्यान हुआ. अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ शुकल्याण मोइत्रा ने की. मुख्य वक्ता पूर्व अध्यक्ष और समाज विज्ञान संकाय के पूर्व संकाय अध्यक्ष डॉ सीपी शर्मा ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन राष्ट्रहित में होनी चाहिए. यह किसी राजनेता या किसी राजनीतिक दल का चुनाव जीतने के उद्देश्य से अपनाया गया हथकंडा है तो फिर उसके घातक परिणाम हो सकते हैं. डॉ शर्मा ने इसके विरोध में कुछ तर्क दिए हैं, जैसे की बड़े पैमाने पर संविधान में संशोधन करना, अत्यधिक धन का व्यय होना, एक साथ अनेक प्रकार के चुनाव व्यावहारिक रूप से नहीं कर पाना, मतदाताओं को भ्रमित करना व उलझन में डालना, क्षेत्रीय मुद्दों का गौण हो जाना, संघवाद व लोकतंत्र का कमजोर होना आदि. इस अवसर पर विभागीय शिक्षक डॉ रीता कुमारी, डॉ अजय बहादुर सिंह, शोधार्थी रुखसाना परवीन, धर्मेंद्र कुमार, महेंद्र पंडित, रवि विश्वकर्मा, विकास कुमार रवि ने भी अपने विचार रखें. कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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