देसी शराब नहीं, अब महुआ से बन रहे बिस्कुट-चॉकलेट, रांची के स्टार्टअप का ग्लोबल धमाका

Published by : Sameer Oraon Updated At : 30 May 2026 9:43 PM

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उद्यमिता सम्मेलन 3.0 में झारखंड के युवाओं का दिखा हुनर, Pic Credit- AI Only For Symbolism

Entrepreneurship Conclave: रांची में आयोजित उद्यमिता सम्मेलन 3.0 में झारखंड के युवाओं का हुनर दिखा. 'वाइल्ड हार्वेस्ट' स्टार्टअप महुआ से कुकीज और चॉकलेट बनाकर विदेशों में बेच रहा है. इवेंट में 300 करोड़ के डेयरी बिजनेस की कहानी और नाबार्ड के AI एग्री प्रोग्राम की घोषणा मुख्य आकर्षण रहे.

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रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

Entrepreneurship Conclave, रांची: झारखंड में युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता (Entrepreneurship) अब राज्य की पारंपरिक पहचान को आधुनिक तकनीक के साथ वैश्विक मंच पर ले जा रही है. शनिवार को सीसीएल (CCL) कन्वेंशन सेंटर में ‘उद्यमिता सम्मेलन 3.0’ (EC 3.0) का भव्य आयोजन किया गया. आई-हब स्टार्टअप झारखंड फाउंडेशन द्वारा रैंप-जीडको के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में झारखंड के स्टार्टअप्स के 15 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिन्होंने अपने अनोखे इनोवेशंस से हर किसी को हैरान कर दिया.

महुआ से बनी कुकीज और चॉकलेट की विदेशों में धूम

सम्मेलन में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा रांची की स्टार्टअप कंपनी ‘वाइल्ड हार्वेस्ट’ का स्टॉल. इसमें प्रमुख था महुआ का बदला हुआ रूप. जिसे कभी सिर्फ देसी शराब के लिए जाना जाता था. अब महुआ से प्रीमियम कुकीज, बिस्कुट, चॉकलेट, अचार और तेल जैसे बेहतरीन उत्पाद बना रहा है. साथ ही इन उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन की जा रही है और इनकी पहुंच कई देशों तक हो चुकी है. इसके अलावा, महुआ का तेल बदन दर्द और त्वचा संबंधी बीमारियों (Skin Diseases) में भी बेहद असरदार साबित हो रहा है.

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लोकल डिस्काउंट से लेकर ‘हो’ भाषा सिखाने वाले ऐप्स तक

झारखंड के युवाओं ने स्वास्थ्य, स्थानीय व्यापार और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई बेहतरीन स्टार्टअप्स प्रदर्शित किए जो निम्नलिखित है.

  • स्पॉट्सहंट (SpotsHunt): यह ऐप उपभोक्ताओं को उनके आसपास की दुकानों पर मिलने वाले विशेष डिस्काउंट और ऑफर्स की तुरंत लाइव जानकारी देगा.
  • नर्सएज (NurseEdge): हेल्थकेयर सेक्टर में नर्सों की कमी और उनके मैनेजमेंट को दुरुस्त करने के लिए यह स्टार्टअप काम कर रहा है.
  • सिबली जोहार (Sibly Johar App): इस अनोखे ऐप के माध्यम से ‘हो’ (Ho) जनजातीय भाषा की पूरी जानकारी और ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है. भविष्य में इसमें झारखंड की अन्य जनजातीय भाषाओं को भी जोड़ने की योजना है.

नाबार्ड का ‘AI आधारित कृषि कार्यक्रम’

नाबार्ड (NABARD) के जीएम आरएस भार्गव ने इस मंच से छोटे किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने एआई (AI) आधारित कृषि स्टार्टअप कार्यक्रम लॉन्च करने की बात कही, जिसके तहत किसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फसल के रोगों की एडवांस सूचना, स्मार्ट जल प्रबंधन और सीधे बाजार (Market Linkage) से जुड़ने की सुविधा मिलेगी.

दिग्गजों ने साझा किए सफलता के मंत्र

इस सम्मेलन में रांची के ही एक ऐसे सफल उद्यमी की कहानी साझा की गई, जिन्होंने अपनी मोटी सैलरी वाली कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर डेयरी का बिजनेस शुरू किया और महज 10 वर्षों में उसे 300 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले साम्राज्य में बदल दिया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्टार्टअप झारखंड के मुख्य संयोजक शुभम राज ने कहा कि ईसी 3.0 केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि विचारों को रोजगार सृजन (Job Creation) के माध्यम में बदलने का आंदोलन है. वहीं, मूल रूप से झारखंड के रहने वाले अभिनेता राजेश जैस ने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मनोरंजन इंडस्ट्री में भी स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “आज जो झारखंड का स्टार्टअप इकोसिस्टम है, अगर 35 साल पहले ऐसा माहौल होता, तो मुझे राज्य छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ता.” दूसरी तरफ डील शेयर के CEO कमलदीप सिंह ने भी लोगों को संबोधित किया. उन्होंने स्टार्टअप्स को सलाह दी कि वे केवल सस्ती तकनीक के पीछे न भागें, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर मूल्य-आधारित (Value-based) समाधान खोजें. कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया. आई-हब स्टार्टअप झारखंड फाउंडेशन के निदेशक माणिक कुमार महतो ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि झारखंड जल्द ही देश में इनोवेशन का (Innovation) का प्रमुख केंद्र बनेगा.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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