Gumla: जनगणना से पहले सरना धर्म कोड की मांग को लेकर निकलेगी रैली, घाघरा से होगी शुरुआत
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 14 Jun 2026 8:57 PM
बैठक के बाद आंदोलनकारी
Gumla: गुमला के घाघरा से सरना धर्म कोड की मांग को लेकर रैली निकलेगी. आयोजन का उद्देश्य जनगणना से पहले इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाना और अपनी मांग को प्रमुखता से उठाना है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...
Gumla: आदिवासी छात्र संघ (आछासं) कुड़ुख सांस्कृतिक भवन बम्हनी गुमला में फकीरचंद भगत की अध्यक्षता में हुई. बैठक में निर्णय लिया गया कि सरना नहीं तो जनगणना नहीं. इसलिए सरना धर्म कोड अविलंब लागू किया जाये. इसके साथ ही विधानसभा स्तरीय रैली का आयोजन करने तथा जनगणना से पहले धर्म की मांग की जायेगी तथा परिसीमन का विरोध किया जायेगा. सर्वप्रथम बिशुनपुर विधानसभा के घाघरा में रैली किया जायेगा. मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सरना धर्म कोड अस्तित्व और पहचान का विषय है. 2011 के जनगणना में 10 करोड़ से अधिक आदिवासी जनसंख्या चिन्हित है, लेकिन इस समुदाय का अलग धर्म कॉलम नहीं है. यह चिंता की बात है.
1961 में आदिवासियों के साथ किया गया षड़यंत्र
वक्ताओं ने कहा कि जब 44 लाख जैनी की आबादी को कॉलम दिया जा सकता है तो आदिवासी के लिए क्यों नहीं. वक्ताओं ने कहा कि मनुवादी सोच के आधार पर असम के आदिवासियों और झारखंड सहित देश के अन्य राज्यों में निवास करने वाले आदिवासियों को गुलाम बनाना चाहते हैं और अस्तित्व को मिटाना चाहते हैं. षडयंत्र के तहत 1961 से ट्राईबल रिलीजन कॉलम को हटाया गया. धर्म कॉलम के अभाव में 90 प्रतिशत से अधिक आदिवासी जनसंख्या दूसरे धर्म कोड में लिखवाया जा रहा है. आदिवासियों के आरक्षण में कटौती की जा रही है.
समिति का किया गया गठन
परिसीमन द्वारा विधायक व सांसद बीट को घटाया जा रहा है. आदिवासियों के बजट में आवंटित राशि को दूसरे के विकास में खर्च किया जा रहा है. वक्ताओं ने कहा कि आज पांचवीं अनुसूची में मिले संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है. इन सभी समस्याओं के निवारण के लिए रैली निकाली जायेगी. वहीं बैठक में गुमला प्रखंड आदिवासी छात्र संघ समिति का गठन किया गया. जिसमें अध्यक्ष राज मिंज, उपाध्यक्ष शत्रुध्न चीक बड़ाइक, सचिव राजेश मिंज, सह सचिव विरेंद्र बड़ाईक, कोषाध्यक्ष नंदकिशोर उरांव व सह कोषाध्यक्ष संध्या उरांव को बनाया गया.
बैठक में ये थे शामिल
बैठक में संघ के केंद्रीय संयोजक सह प्रवक्ता डॉक्टर सुशील कुमार मिंज, महादेव उरांव, फकीरचंद भगत, अहलाद उरांव, सुनील उरांव, राजेश खड़िया, रामकेश्वर उरांव, बलभद्र उरांव, देवपाल उरांव, आरती कुमारी, नीतु कुमारी, करना पन्ना, अंजनी कुमारी, कृपा खड़िया, सुशीला कुमारी, सारिका कुमारी, आसमिता कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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