ममता बनर्जी के हाथ से निकल गयी तृणमूल! 20 सांसदों ने TMC का इस पार्टी में कर दिया विलय
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 14 Jun 2026 9:38 PM
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले टीएमसी के बागी सांसद.
TMC Rebel MPs News: लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने दलबदल कानून से बचने के लिए त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी (NCP) में विलय का ऐलान कर दिया है. काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में यह गुट अब संसद में एनडीए को समर्थन देगा.
खास बातें
TMC Rebel MPs News: पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी के हाथ से उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी निकल गयी. टीएमसी को देश की संसद में अब तक का सबसे घातक और ऐतिहासिक झटका लगा है. लोकसभा में पार्टी के कुल 28 में से 20 बागी सांसदों ने तकनीकी रूप से दलबदल कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए एक नयी क्षेत्रीय पार्टी में महा-विलय (Grand Merger) का ऐलान कर दिया है.
त्रिपुरा की पार्टी में हुआ दीदी की टीएमसी का विलय
विद्रोही गुट का नेतृत्व कर रहीं वरिष्ठ सांसद डॉ काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर विलय का कानूनी पत्र सौंप दिया है. तृणमूल के बागी सांसदों ने त्रिपुरा की एक छोटी और बंगाली पृष्ठभूमि वाली राजनीतिक पार्टी नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी (Nationalist Citizens Party) से हाथ मिलाया है. काकोली ने कहा- हमारे पास लोकसभा में दो-तिहाई से ज्यादा का स्पष्ट बहुमत है. हम एनडीए (NDA) का हिस्सा बनेंगे और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में काम करेंगे.
TMC Rebel MPs News: कानूनी पचड़े से बचने का मास्टरस्ट्रोक
बागी सांसदों ने संसद में एक अलग गुट या ब्लॉक बनाने की बजाय इस क्षेत्रीय पार्टी में विलय करने का फैसला सोची-समझी कानूनी रणनीति के तहत किया है. नया स्वतंत्र गुट बनाने पर तकनीकी और कानूनी अयोग्यता का खतरा मंडरा रहा था. इससे बचने के लिए इस विलय को कानूनी ढाल बनाया गया है. ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताया कि जब आप दो-तिहाई बहुमत के साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो आप पहले ही दिन मूल पार्टी के नाम पर दावा नहीं ठोक सकते. यह संसदीय नियम है.
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असली टीएमसी पर ठोकेंगे दावा; कोर्ट करेगा फैसला
सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि जुलाई में संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में यह गुट चुनाव आयोग और अदालत के समक्ष ‘तृणमूल कांग्रेस’ के नाम और सिंबल पर दावा करेगा. इसके बाद पूरा मामला कानूनी लड़ाई के लिए कोर्ट के पाले में जायेगा. संसद के आगामी मानसून सत्र से ठीक पहले विपक्षी खेमे की रीढ़ तोड़ने वाले इस महा-विलय ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के राष्ट्रीय राजनीतिक वजूद को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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