पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी ओवरब्रिज पर मौत का जाल, बिखरी गिट्टी और आवारा पशुओं से बढ़ा हादसों का खतरा
नोवामुंडी ओवरब्रिज पर घूमते अवारा पशु
West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम स्थित नोवामुंडी ओवरब्रिज के खतरनाक मोड़ पर हाईवा से गिट्टी बिखरने और आवारा पशुओं के बैठने से दुर्घटना का खतरा बढ़ा है. जिसके कारण सोमवार से स्कूल खुल रहे लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. पढ़ें, पूरी खबर
नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
West Singhbhum News, नोवामुंडी: पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित नोवामुंडी ओवरब्रिज के समीप स्थित डेंजर मोड़ पर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे स्थानीय राहगीर और वाहन चालक बेहद खौफजदा हैं. शनिवार की देर रात इस मार्ग से गुजर रहे एक ओवरलोड गिट्टी लदे हाईवा से भारी मात्रा में छोटे-छोटे गिट्टी के टुकड़े अनियंत्रित होकर सड़क पर बिखर गए. घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी ये नुकीले टुकड़े ठीक मोड़ के बीचो-बीच पड़े हुए हैं. इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के टायर फिसलने और उनके असंतुलित होकर गिरने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील है और अब सड़क पर बिखरी गिट्टी ने स्थिति को और ज्यादा जानलेवा बना दिया है.
आवारा पशुओं ने बढ़ाई मुसीबत
इस डेंजर मोड़ पर स्थिति को और अधिक गंभीर बनाने का काम सड़क के ठीक बीचो-बीच बैठे आवारा पशु कर रहे हैं. भारी वाहनों की तेज रफ्तार और मोड़ पर दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण ये पशु किसी भी समय बड़े और आत्मघाती हादसे का कारण बन सकते हैं. रात के अंधेरे में या तेज गति से आ रहे वाहनों के सामने अचानक इन मवेशियों के आ जाने से चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता. स्थानीय प्रशासन की ओर से इन आवारा पशुओं को हटाने या उनके मालिकों पर कार्रवाई करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यह पूरा मोड़ एक ‘ब्लैक स्पॉट’ में तब्दील होता जा रहा है.
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर तत्काल सफाई की मांग
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सोमवार से क्षेत्र के कई प्रमुख स्कूल खुलने वाले हैं. सुबह के वक्त बड़ी संख्या में अभिभावक अपने छोटे-छोटे बच्चों को दोपहिया वाहनों (स्कूटी और बाइक) पर बैठाकर स्कूल छोड़ने के लिए इसी मार्ग से निकलेंगे. इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों की बसों और वैनों की आवाजाही भी इस व्यस्त सड़क पर काफी बढ़ जाएगी. ऐसे में भारी वाहनों के दबाव, सड़क पर बिखरी गिट्टी और आवारा पशुओं की मौजूदगी से मासूम बच्चों के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका कई गुना बढ़ गई है. स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जिला व स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि रविवार को ही तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर सड़क से गिट्टी हटवाई जाए और पशुओं को कांजी हाउस भेजा जाए, ताकि सोमवार सुबह किसी अनहोनी से पहले इस बड़े खतरे को टाला जा सके.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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