घर में पड़ा है टीबी के मरीज का शव, रो रहे हैं दो नाबालिग बेटे, कोरोना के डर से कोई नहीं कर रहा मदद

Updated at : 12 May 2020 8:55 PM (IST)
विज्ञापन
घर में पड़ा है टीबी के मरीज का शव, रो रहे हैं दो नाबालिग बेटे, कोरोना के डर से कोई नहीं कर रहा मदद

शहर के बड़ाइक मुहल्ला निवासी 45 वर्षीय जुगेश्वर पाइक उर्फ माथु की मंगलवार दिन के तीन बजे मौत हो गयी. मृतक लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रस्त था. जुगेश्वर की मौत के बाद कोरोना के डर से कोई शव के पास फटक तक नहीं रहा था.

विज्ञापन

गुमला : शहर के बड़ाइक मुहल्ला निवासी 45 वर्षीय जुगेश्वर पाइक उर्फ माथु की मंगलवार दिन के तीन बजे मौत हो गयी. मृतक लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रस्त था. जुगेश्वर की मौत के बाद कोरोना के डर से कोई शव के पास फटक तक नहीं रहा था. क्या है पूरा मामला, पढ़े, प्रभात खबर प्रतिनिधि दुर्जय पासवान व अंकित चौरसिया की रिपोर्ट :

Also Read: कोडरमा स्टेशन पहुंची दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन, झारखंड लौटे 2409 प्रवासी मजदूर

जानकारी के अनुसार जुगेश्वर को टीबी की बीमारी थी और उसका इलाज चल रहा था. परंतु, लॉकडाउन के बाद से कई दिनों से उसने दवा नहीं खायी थी. जुगेश्वर की मौत के बाद उसके शव के पास आस-पड़ोस के लोग फटक नहीं रहे हैं. मृतक के दो नाबालिग बेटे हैं. 13 वर्ष रोहित पाइक व 6 वर्षीय पुत्र मोहित पाइक. पिता की मौत के बाद दोनों बच्चे हताश हो गये हैं. क्योंकि उनके सिवा घर में और कोई सदस्य नहीं है जो शव का अंतिम संस्कार कर सके.

एक साल पहले जुगेश्वर की पत्नी कांति देवी की भी टीबी से मौत हो गयी थी. इसके बाद से जुगेश्वर अपने दोनों बच्चों की परवरिश कर रहा था. जुगेश्वर की मौत की सूचना पड़ोसियों को हुई. वे लोग घर के बाहर रास्ते तक पहुंचे. परंतु कोरोना संक्रमण के भय के कारण कोई शव को देखने के लिए घर में नहीं घुसा. एक पड़ोसी ने कफन का कपड़ा खरीदकर ला दिया. इसके बाद बड़े बेटे रोहित ने शव को कफन से ढका.

प्रभात खबर की अपील, शव के अंतिम संस्कार में करें मदद

जुगेश्वर की मौत हो गयी. अब घर में सिर्फ दो भाई बच्चे हैं. दोनों छोटे हैं. डर से कोई शव के पास फटक नहीं रहा है. अब सवाल यह है कि शव का अंतिम संस्कार कैसे होगा और कौन करेगा. दोनों भाईयों के समक्ष संकट की घड़ी है. इस संकट में पड़ोसियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील है. जुगेश्वर की मौत टीबी से हुई है. इसलिए उसके अंतिम संस्कार करने में लोग मदद करें. ताकि शव यूं ही घर पर पड़ा न रह जाए. हम सभी को अपना फर्ज निभाना चाहिए.

Also Read: विधायक भूषण बाड़ा ने 200 प्रवासी मजदूरों की सूची डीडीसी को सौंपी, खाते में भेजे जायेंगे 2000 रुपये
क्या कहा दोनों नाबालिग पुत्रों ने

बड़े पुत्र रोहित पाइक ने बताया कि उसके पिता को टीबी था. शरीर में जख्म भी हो गये थे. उसके पिता होटल व चाय की दुकान में भार से पानी भरता था. जिससे कुछ पैसे मिलते थे. उसी पैसे से घर का चूल्हा जलता था. परंतु लॉकडाउन के बाद उसके पिता बेकार हो गये थे. कोई काम नहीं था. घर में कुछ अनाज था. उसी से भूख मिट रही थी. इलाज के लिए भी पैसे नहीं थे. जुगेश्वर परेशान होकर शराब पीने लगा था. मां कांति देवी के बाद पिता जुगेश्वर पाइक की मौत से दोनों भाई अनाथ हो गये हैं. रोहित ने कहा कि अब हम कैसे जीयेंगे. हमारी कोई मदद करें. शव का अंतिम संस्कार करना है. इसके लिए पुत्र ने लोगों से मदद की अपील की है.

अंतिम संस्कार की व्यवस्था करेंगे : पार्षद

जुगेश्वर की मौत की सूचना वार्ड नंबर 20 की पार्षद ललिता गुप्ता को दी गयी. पार्षद पहुंची और मौत कैसे हुई. इसकी जानकारी ली. पार्षद ने कहा कि नगर परिषद अध्यक्ष दीपनारायण उरांव के साथ मैं जुगेश्वर के घर गयी थी. टीबी बीमारी से जुगेश्वर की मौत हुई है. उसके अंतिम संस्कार के लिए पहल की जायेगी. फिलहाल शव रातभर घर में ही रहेगा. बुधवार को अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola