11 दिन में पेट्रोल ₹7.40 और डीजल ₹7.52 तक महंगा, दिल्ली में कीमतें ₹100 के पार
Published by : Abhishek Pandey Updated At : 25 May 2026 10:39 AM
पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े (Photo: Freepik)
Petrol-Diesel Price Hike : आम जनता पर महंगाई की एक और बड़ी मार! सिर्फ 11 दिनों के भीतर पेट्रोल ₹7.40 और डीजल ₹7.52 तक महंगा हो चुका है. जानिए आज दिल्ली में क्या हैं नए रेट और क्यों बढ़ रहे हैं दाम.
Petrol-Diesel Price Hike : अगर आप आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं, तो जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी. तेल कंपनियों ने आज (25 मई) एक बार फिर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है. आज पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया है. इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 पर पहुंच गई है.
सिर्फ 11 दिनों में कब-कब और कितने बढ़े दाम ?
पिछले दो हफ्तों से कम समय में तेल कंपनियों ने लगातार कीमतें बढ़ाई हैं. आइए इस तालिका के जरिए समझते हैं कि पिछले 11 दिनों में आपकी जेब पर कितना बोझ बढ़ा है.
| तारीख | पेट्रोल में बढ़ोतरी (प्रति लीटर) | डीजल में बढ़ोतरी (प्रति लीटर) |
| 15 मई | ₹3.00 | ₹3.00 |
| 19 मई | 90 पैसे | 90 पैसे |
| 23 मई | 87 पैसे | 91 पैसे |
| 25 मई (आज) | ₹2.61 | ₹2.71 |
| कुल बढ़ोतरी | ₹7.40 | ₹7.52 |
क्यों बढ़ रहे हैं अचानक दाम ?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से बिल्कुल शांत थीं. तब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती करके आम जनता को राहत दी थी. नियम के मुताबिक, भारत में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन चुनाव और राजनीतिक कारणों से इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया था. अब जब पाबंदियां हटी हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर दिखने लगा है.
तेल कंपनियों को हर महीने हो रहा था ₹30,000 करोड़ का घाटा
सैलरी या मुनाफे की बात तो दूर, सरकारी तेल कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) भारी घाटे से जूझ रही थीं. पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने और भारत में दाम न बढ़ाए जाने के कारण इन कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) बेचने पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसी घाटे की भरपाई के लिए अब दाम बढ़ाए जा रहे हैं.
सरकार ने टैक्स घटाकर भी की थी कोशिश
सरकार ने मार्च में कीमतों को काबू में रखने के लिए अपनी तरफ से टैक्स (एक्साइज ड्यूटी) में भारी कटौती की थी.
पेट्रोल और डीजल दोनों पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की गई थी.
इसके बाद पेट्रोल पर लगने वाली कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹21.90 से घटकर ₹11.90 रह गई थी.
वहीं, डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.80 से घटकर ₹7.80 पर आ गई थी (जिसमें स्पेशल ड्यूटी को शून्य कर दिया गया था).
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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