11 दिन में पेट्रोल ₹7.40 और डीजल ₹7.52 तक महंगा, दिल्ली में कीमतें ₹100 के पार

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Oil Companies Loss

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Petrol-Diesel Price Hike : आम जनता पर महंगाई की एक और बड़ी मार! सिर्फ 11 दिनों के भीतर पेट्रोल ₹7.40 और डीजल ₹7.52 तक महंगा हो चुका है. जानिए आज दिल्ली में क्या हैं नए रेट और क्यों बढ़ रहे हैं दाम.

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Petrol-Diesel Price Hike : अगर आप आज अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं, तो जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी. तेल कंपनियों ने आज (25 मई) एक बार फिर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है. आज पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया है. इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 पर पहुंच गई है.

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सिर्फ 11 दिनों में कब-कब और कितने बढ़े दाम ?

पिछले दो हफ्तों से कम समय में तेल कंपनियों ने लगातार कीमतें बढ़ाई हैं. आइए इस तालिका के जरिए समझते हैं कि पिछले 11 दिनों में आपकी जेब पर कितना बोझ बढ़ा है.

तारीखपेट्रोल में बढ़ोतरी (प्रति लीटर)डीजल में बढ़ोतरी (प्रति लीटर)
15 मई₹3.00₹3.00
19 मई90 पैसे90 पैसे
23 मई87 पैसे91 पैसे
25 मई (आज)₹2.61₹2.71
कुल बढ़ोतरी₹7.40₹7.52

क्यों बढ़ रहे हैं अचानक दाम ?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से बिल्कुल शांत थीं. तब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती करके आम जनता को राहत दी थी. नियम के मुताबिक, भारत में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन चुनाव और राजनीतिक कारणों से इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया था. अब जब पाबंदियां हटी हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर दिखने लगा है.

तेल कंपनियों को हर महीने हो रहा था ₹30,000 करोड़ का घाटा

सैलरी या मुनाफे की बात तो दूर, सरकारी तेल कंपनियां (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) भारी घाटे से जूझ रही थीं. पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होने और भारत में दाम न बढ़ाए जाने के कारण इन कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) बेचने पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा था. इसी घाटे की भरपाई के लिए अब दाम बढ़ाए जा रहे हैं.

सरकार ने टैक्स घटाकर भी की थी कोशिश

सरकार ने मार्च में कीमतों को काबू में रखने के लिए अपनी तरफ से टैक्स (एक्साइज ड्यूटी) में भारी कटौती की थी.

पेट्रोल और डीजल दोनों पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 की कटौती की गई थी.
इसके बाद पेट्रोल पर लगने वाली कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹21.90 से घटकर ₹11.90 रह गई थी.
वहीं, डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी ₹17.80 से घटकर ₹7.80 पर आ गई थी (जिसमें स्पेशल ड्यूटी को शून्य कर दिया गया था).

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