कहीं राहत, कहीं आफत: बीजेपी और कांग्रेस के राज्यों में कितना अलग है पेट्रोल-डीजल का भाव?
Published by : Abhishek Pandey Updated At : 23 May 2026 6:07 PM
BJP vs Other Ruled States wise VAT On Petrol Diesel : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में VAT यानी Value Added Tax बड़ी भूमिका निभाता है. यह टैक्स राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है, इसलिए हर राज्य में इसकी दर अलग-अलग होती है. किसी प्रदेश में VAT ज्यादा है तो कहीं कम. ऐसे में आज हम जानेंगे कि अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर कितना VAT लगाया जा रहा है.
BJP vs Other Ruled States wise VAT On Petrol Diesel : देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है. आज यानि 23 मई 2026 को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर ₹92.49 प्रति लीटर हो गया है. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में भी ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है. इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी. पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बढ़ोतरी है. इससे पहले 15 मई को CNG के दाम ₹2 और 18 मई को ₹1 बढ़ाए गए थे.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में VAT यानी Value Added Tax बड़ी भूमिका निभाता है. यह टैक्स राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाता है, इसलिए हर राज्य में इसकी दर अलग-अलग होती है. किसी प्रदेश में VAT ज्यादा है तो कहीं कम. ऐसे में आज हम जानेंगे कि अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर कितना VAT लगाया जा रहा है और सबसे ज्यादा व सबसे कम VAT किस राज्य में है.
आगे बढ़ने से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों का ब्रेकडाउन समझ लेते हैं. किसी भी राज्य में पेट्रोल और डीजल की अंतिम कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकार का VAT, डीलर कमीशन और बेस प्राइस शामिल होता है. यही वजह है कि हर राज्य में तेल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं. जिन राज्यों में VAT ज्यादा होता है, वहां पेट्रोल-डीजल महंगे हो जाते हैं.
BJP-NDA शासित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के राज्यों में टैक्स की दरों में काफी उतार-चढ़ाव है। आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में टैक्स काफी ज्यादा है, जबकि गुजरात और मेघालय जैसे राज्यों में यह काफी कम है.
BJP-NDA शासित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
बीजेपी और सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों में वैट (VAT) की दरें इस प्रकार हैं.
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | पेट्रोल VAT (%) | डीजल VAT (%) |
| आंध्र प्रदेश | 31.00% | 22.25% |
| राजस्थान | 29.04% | 17.30% |
| मध्य प्रदेश | 29.00% | 19.00% |
| ओडिशा | 28.00% | 24.00% |
| महाराष्ट्र | 25.00% | 21.00% |
| असम | 24.77% | 22.19% |
| पश्चिम बंगाल | 25.00% | 17.00% |
| बिहार | 23.58% | 16.37% |
| सिक्किम | 22.00% | 12.00% |
| नागालैंड | 21.75% | 17.20% |
| गोवा | 21.60% | 17.60% |
| दिल्ली | 19.40% | 16.75% |
| उत्तर प्रदेश | 19.36% | 17.08% |
| हरियाणा | 18.20% | 16.00% |
| त्रिपुरा | 17.50% | 10.00% |
| पुडुचेरी | 16.98% | 11.22% |
| उत्तराखंड | 16.97% | 17.15% |
| लद्दाख | 15.00% | 6.00% |
| अरुणाचल प्रदेश | 14.50% | 7.00% |
| गुजरात | 13.70% | 14.90% |
| मेघालय | 13.50% | 5.00% |
| अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 1.00% | 1.00% |

कांग्रेस (Congress) शासित राज्य
कांग्रेस शासित राज्यों में टैक्स का ढांचा काफी ऊंचा बना हुआ है.
| राज्य | पेट्रोल VAT (%) | डीजल VAT (%) |
| तेलंगाना | 35.20% | 27.00% |
| कर्नाटक | 29.84% | 21.17% |
| केरल | 22.76% | 22.76% |
| हिमाचल प्रदेश | 17.50% | 13.90% |
अन्य क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रपति शासन वाले राज्य
क्षेत्रीय पार्टियों (जैसे आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, झामुमो आदि) के राज्यों का गणित मिला-जुला है.
| पार्टी / शासन | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | पेट्रोल VAT (%) | डीजल VAT (%) |
| NC | जम्मू और कश्मीर | 24.00% | 16.00% |
| JMM | झारखंड | 22.00% | 22.00% |
| ZPM | मिजोरम | 18.00% | 10.00% |
| AAP | पंजाब | 16.58% | 13.10% |
| TVK | तमिलनाडु | 13.00% | 11.00% |
| राष्ट्रपति शासन | मणिपुर | 25.00% | 13.50% |
सबसे ज्यादा और सबसे कम वैट (VAT) वाले राज्य
पूरे देश के आंकड़ों को देखें तो टैक्स वसूलने के मामले में यह दो राज्य सबसे ऊपर और सबसे नीचे हैं.
- सबसे अधिक वैट: तेलंगाना (कांग्रेस शासित) में देश का सबसे महंगा वैट ढांचा है, यहां पेट्रोल पर 35.20% और डीजल पर 27.00% वैट वसूला जाता है.
- सबसे कम वैट: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (BJP-NDA शासित) में सबसे कम टैक्स है, यहाँ पेट्रोल और डीजल दोनों पर महज 1.00% वैट लागू है.
Also Read : ₹5 लाख की एक एफडी या ₹1-1 लाख की पांच? जानिए निवेश का कौन सा तरीका है सबसे बेस्ट और क्यों
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










