गुमला : सरना स्थल से गुजर रहा भारत माला सड़क, ग्रामीणों का विरोध तेज 

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बैठक करते गांव के लोग

Gumla News: भारतमाला सड़क परियोजना को लेकर विवाद बढ़ा, सरना स्थल से गुजरने के आरोप पर ग्रामीणों ने विरोध तेज करते हुए मुआवजा लौटाने और आंदोलन की चेतावनी दी. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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दुर्जय पासवान की रिपोर्ट 

Gumla News: झारखंड के गुमला जिले में भारतमाला सड़क परियोजना को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. शिवालया कंपनी के खिलाफ ग्रामीण एकजुट हो गए हैं. गुमला के लटठा बरटोली में टाना भगतों की जमीन पर बन रहे सड़क का विवाद अभी सलटा भी नहीं है कि ताजा मामला रायडीह प्रखंड से आया है. जहां सरना स्थल से भारत माला सड़क बनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. साथ ही ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि सरकार को सड़क बनाने नहीं देंगे. सरकार ने जो मुआवजा दिया है, उसे वापस किया जाएगा. 

सरना स्थल को लेकर ग्रामीणों की बैठक, विरोध तेज

सरना स्थल की जमीन को लेकर रायडीह प्रखंड के कटकायां गांव में गुरुवार को ग्राम प्रधान हीरालाल एक्का की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक हुई. बैठक में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव व कांग्रेस नेता ज्योति कुजूर थी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतमाला सड़क निर्माण परियोजना से गांव के प्राचीन सरना-मसना स्थल की रक्षा करना और ग्रामीणों को एकजुट करना था. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की इस महत्वकांक्षी परियोजना के मार्ग के बीचों-बीच वर्षों पुराना सरना स्थल आ रहा है. जिसे निर्माण एजेंसी द्वारा जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है. इससे आदिवासी समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं. 

सर्वे रिपोर्ट पर सवाल, हटाने का विरोध

बैठक में पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए गुमला उपायुक्त की उस सर्वे रिपोर्ट को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया. जिसमें कहा गया था कि निर्माण क्षेत्र में कोई धार्मिक स्थल नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा कि सरना स्थल सड़क के ठीक बीच में है और इसे हटाने की कोशिश आदिवासी संस्कृति और आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है. जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विकास के नाम पर किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना अनुचित है.

मुआवजा लौटाने की तैयारी, आंदोलन की चेतावनी

बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में सड़क निर्माण का कड़ा विरोध किया और कहा कि वे अपनी जमीन का मिला हुआ मुआवजा भू-अर्जन विभाग को लौटाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन सरना स्थल से छेड़छाड़ नहीं होने देंगे. प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. मौके पर ज्योति कुजूर, फौदा उरांव, कैप्टन लोहरा उरांव, लोथे उरांव, बिंझु उरांव, टीपरु मुंडा सहित सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीण मौजूद थे.

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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