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बिरसा मुंडा एग्रो पार्क के सुंदरीकरण में गड़बड़ी, म्यूजिकल फाउंटेन बना शोपीस

Updated at : 12 Dec 2025 10:32 PM (IST)
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बिरसा मुंडा एग्रो पार्क के सुंदरीकरण में गड़बड़ी, म्यूजिकल फाउंटेन बना शोपीस

65 लाख की योजना में किया गया है घटिया काम, विभाग और ठेकेदार पर जांच की मांग हुई तेज

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गुमला. शहर के जशपुर रोड स्थित बिरसा मुंडा एग्रो पार्क शहरी क्षेत्र में घूमने-फिरने व मनोरंजन का एकमात्र साधन है, लेकिन दो साल पहले पार्क के सुंदरीकरण के नाम पर बड़ी गड़बड़ी हुई है. मामले में संबंधित विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. आरोप है कि विभाग ने ठेकेदार से मिलीभगत कर घटिया निर्माण कराया और पैसे की निकासी कर ली. करीब 65 लाख रुपये की लागत से पार्क में लेजर शो, म्यूजिकल फाउंटेन और चिल्ड्रेन प्ले इंस्ट्रूमेंट बनाये गये थे. इसमें से 25 लाख रुपये का म्यूजिकल फाउंटेन आज पूरी तरह बेकार पड़ा है. पार्क के केयर टेकर के अनुसार फाउंटेन निर्माण के साथ ही इसकी खराबी शुरू हो गयी थी. शुरू में कुछ दिन चला, लेकिन फिर बंद हुआ और दोबारा कभी शुरू ही नहीं हो पाया. इसका मुख्य कारण इसका घटिया निर्माण बताया जा रहा है. वीर स्मृति स्मारक के पास बने म्यूजिकल फाउंटेन की स्थिति आज बेहद खराब है. फाउंटेन के अंदर लगी टाइल्सें टूट चुकी हैं. लंबे समय से पानी नहीं भरे जाने के कारण फाउंटेन पूरी तरह सूख गया है और उसमें घास-फूस उग आये है. पानी फेंकने वाली मशीन जंग खाकर बेकार हो चुकी है. लोगों ने इस मामले की जांच कर दोषी विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है.

2006 में हुआ था पार्क का उदघाटन

गुमला शहर में मनोरंजन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 जुलाई 2006 को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इस पार्क का उदघाटन किया था. इसके बाद कई चरणों में पार्क का सुंदरीकरण किया गया. लेकिन पिछले कुछ सालों में खर्च किये गये 65 लाख रुपये का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पाया, जिससे सुंदरीकरण सिर्फ दिखावा बन कर रह गया है.

अब जिला परिषद के अधीन है पार्क

दो साल पहले तक पार्क की देखरेख जिला योजना विभाग के पास थी. इस विभाग ने सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये, लेकिन इसके बावजूद पार्क की सुंदरता फूल और घास तक ही सीमित है. मनोरंजन के लिए बनायी गयी सुविधाएं विभाग व ठेकेदारों के लिए कमाई का जरिया अधिक साबित हुई हैं. फिलहाल पार्क को जिला परिषद के अधीन कर दिया गया है, लेकिन नागरिकों की मांग है कि पार्क में हुए कार्यों की जांच कर सच्चाई सामने लायी जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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