मुठभेड़ में बचा माओवादी गिरफ्तार

Published at :25 Oct 2016 4:50 AM (IST)
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मुठभेड़ में बचा माओवादी गिरफ्तार

अजीत खड़िया सैक सदस्य सौरभ दस्ता का सक्रिय सदस्य था बोराडीह मुठभेड़ से बच कर निकलने के बाद घर में छिपा था गुमला : पालकोट थाना के बोराडीह जंगल में पुलिस मुठभेड़ में जान बचा कर भाग निकला भाकपा माओवादी का सक्रिय सदस्य कनहार कोना बनईडेगा गांव के अजीत खड़िया को रविवार की रात को […]

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अजीत खड़िया सैक सदस्य सौरभ दस्ता का सक्रिय सदस्य था
बोराडीह मुठभेड़ से बच कर निकलने के बाद घर में छिपा था
गुमला : पालकोट थाना के बोराडीह जंगल में पुलिस मुठभेड़ में जान बचा कर भाग निकला भाकपा माओवादी का सक्रिय सदस्य कनहार कोना बनईडेगा गांव के अजीत खड़िया को रविवार की रात को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया है. उसके पास से नक्सली साहित्य, वरदी, दैनिक उपयोग के सामान व पीठू बरामद हुआ है.
12 सितंबर को बोराडीह जंगल में पुलिस के साथ माओवादी की मुठभेड़ हुई थी. उस समय पुलिस ने 25 लाख के इनामी सैक सदस्य आशीष यादव को मार गिराया था. उस समय सैक सदस्य सौरभ अपने दस्ते के साथ बच निकला था. उसमें अजीत खड़िया भी शामिल था. अजीत सैक सदस्य सौरभ के दस्ते का सक्रिय सदस्य था. एसपी चंदन कुमार झा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बनईडेगा इलाके में भाकपा माओवादी के लोग हैं.
इस सूचना पर बसिया एसडीपीओ बच्चनदेव कुजूर के नेतृत्व में एक पुलिस टीमका गठन किया गया. इसमें पालकोट थानेदार नित्यानंद महतो, कामडारा थानेदार नरेश प्रसाद सिन्हा, पुअनि जैनेंद्र कुमार सिंह, सअनि बड़ाय पिगुवा के अलावा सैप, आईआरबी, जैप-वन व थाना के शस्त्र बल था. पुलिस ने भाकपा माओवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान के दौरान अजीत खड़िया को गिरफ्तार किया. उससे पूछताछ में उसने कई जानकारी दी. उसके पास से कई सामान बरामद किया गया है. उसके ऊपर पालकोट थाना में तीन मामले दर्ज है. एसपी ने कहा कि इलाके में लगातार भाकपा माओवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान चल रही है. पालकोट इलाके में माओवादियों को काफी नुकसान हुआ है. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पालकोट थाना प्रभारी नित्यानंद महतो थे.
डर से छिप गया था घर में
बोराडीह जंगल में मुठभेड़ में जान बचने के बाद अजीत खड़िया डर गया था. वह डर से अपने घर आ गया और छिप कर रह रहा था. पुलिस के अनुसार संजय यादव व आशीष यादव को मारे जाने के बाद नक्सलियों ने बदले की भावना से खड़पानी में नंदलाल सिंह व फ्लोरेंस सोरेंग की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसमें अजीत भी शामिल था. खड़पानी में घटना को अंजाम देने के बाद अजीत घर आ गया था.
दीपक को लगी थी गोली
पुलिस पूछताछ में अजीत ने बताया कि बोराडीह जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान भागने के क्रम में दीपक के हाथ में गोली लगी थी. जिसके कारण उसके हाथ से राइफल छूट गया जो बाद में पुलिस के हाथ लगा. बाद में दीपक ने छिप कर इलाज कराया था.
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