::::: मध्याह्न भोजन में माड़-भात खा रहे हैं के बच्चे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Oct 2015 8:43 PM

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::::: मध्याह्न भोजन में माड़-भात खा रहे हैं के बच्चे प्रधानाध्यापक पर हमेशा अनुपस्थित रहने का है आरोप बच्चों को छात्रवृत्ति व पोशाक भी नहीं मिलती16एसआइएम:19-मध्याह्न भोजन खाते बच्चे.11-पानी भात खाता बच्चा.12,13,14,15-प्रबंधन समिति के सदस्यजलडेगा(सिमडेगा). जलडेगा प्रखंड के लोंबोई पंचायत से लगभग 12 किलोमीटर पर स्थित वासैर गांव पहाड़ों व जंगलों से घिरा है. गांव […]

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::::: मध्याह्न भोजन में माड़-भात खा रहे हैं के बच्चे प्रधानाध्यापक पर हमेशा अनुपस्थित रहने का है आरोप बच्चों को छात्रवृत्ति व पोशाक भी नहीं मिलती16एसआइएम:19-मध्याह्न भोजन खाते बच्चे.11-पानी भात खाता बच्चा.12,13,14,15-प्रबंधन समिति के सदस्यजलडेगा(सिमडेगा). जलडेगा प्रखंड के लोंबोई पंचायत से लगभग 12 किलोमीटर पर स्थित वासैर गांव पहाड़ों व जंगलों से घिरा है. गांव की राजकीय मध्य विद्यालय उत्क्रमित मध्य विद्यालय है. प्रधानाध्यापक की लापरवाही के कारण यहां के बच्चों को मध्याह्न भोजन के रूप में माड़-भात से ही संतोष करना पड़ता है. फल व अंडा तो दूर की बात है, बच्चों को सब्जी व दाल भी कभी भी मयस्सर नहीं होता. रसोइया द्वारा सिर्फ भात बना दिया जाता है. जिसे बच्चे माड़ व पानी व नमक मिला कर खाते हैं. यहां के बच्चों को छात्रवृत्ति भी नहीं मिलती. साथ ही बच्चों के बीच अब तक पोशाक का भी वितरण नहीं किया गया है. प्रधानाध्यापक सुलेमान तोपनो हमेशा अनुपस्थित रहते हैं. पारा शिक्षक के सहारे विद्यालय चल रहा है. बताया जाता है कि स्कूल के सभी पंजियों को प्रधानाध्यापक अपने साथ ले गये हैं. मध्याह्न भोजन का चावल भी पारा शिक्षकों द्वारा लाया जाता है. विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जुनुल लुगून, उपाध्यक्ष प्रीतिवंती लुगून, समिति के सदस्य दुलारी डांग, सुमंती कंडूलना, कुंवारी डांग, एनिग्रेट लुगून, ललिता लुगून सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापक कभी विद्यालय नहीं आते हैं. एक साल पूर्व माह में एक दो बार आते भी थे. किंतु पिछले एक साल एक दिन भी प्रधानाध्यापक विद्यालय नहीं आये. ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानाध्यापक प्रबंधन समिति की कोई बात भी नहीं सुनते हैं. वह फोन पर ही विद्यालय संचालित करते हैं. पारा शिक्षक को फोन पर ही निर्देश देते हैं. प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रधानाध्यापक उपस्थिति पंजी, नामांकन पंजी व अन्य जरूरी कागजात अपने साथ घर ले गये हैं. प्रधानाध्यापक की लापरवाही के कारण विद्यालय का पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है तथा बच्चे कई सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की मांग की है.कार्रवाई के लिए दस्तावेज भेजे गये हैं: बीडीओबीडीओ नागेंद्र तिवारी ने कहा कि उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कई गंभीर आरोप हैं. जांच कर कार्रवाई के लिए दस्तावेज वरीय पदाधिकारियों को भेजे गये हैं. प्रधानाध्यापक विद्यालय नहीं जाते हैं, इसकी भी जानकारी उन्हें है. इस दिशा में कार्रवाई की जायेगी.

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