::::बॉक्स ::::: प्राचार्य नहीं दे रहे थे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Oct 2015 6:36 PM
::::बॉक्स ::::: प्राचार्य नहीं दे रहे थे सर्टिफिकेट संदर्भ : प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड.कृष्ष्णा ने फिर अपना बयान बदलापुलिस दो दिन के रिमांड पर कृष्णा से पूछताछ कर रही हैप्रतिनिधि, गुमलाकेओ कॉलेज, गुमला के प्रभारी प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड के आरोपी कृष्णा उरांव ने फिर अपना बयान बदल दिया है. इसबार उसका बयान है कि […]
::::बॉक्स ::::: प्राचार्य नहीं दे रहे थे सर्टिफिकेट संदर्भ : प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड.कृष्ष्णा ने फिर अपना बयान बदलापुलिस दो दिन के रिमांड पर कृष्णा से पूछताछ कर रही हैप्रतिनिधि, गुमलाकेओ कॉलेज, गुमला के प्रभारी प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड के आरोपी कृष्णा उरांव ने फिर अपना बयान बदल दिया है. इसबार उसका बयान है कि प्राचार्य के पास उसका ऑरिजीनल सर्टिफिकेट था. जिसे वह कई बार मांगा था. लेकिन प्राचार्य टाल-मटोल कर रहे थे. उसने कहा है कि उसे बहाली में भाग लेना था. इसके लिए मूल प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी जमा करना अनिवार्य था. कृष्णा के इस बयान पर पुलिस जांच कर रही है. पुलिस उसे दो दिन के रिमांड पर थाने में रख कर पूछताछ कर रही है. किसी के पूछने पर वह हंस कर जवाब दे रहा है. एसपी भीमसेन टुटी ने बताया कि इस मामले में जांच चल रही है. लेकिन अभी तक के पूछताछ में वह पहले के बयान पर कायम है. कृष्णा ने पहले जो बयान दिया है, उसके अनुसार छात्रावास से निष्कासित करने, ऑनर्स पेपर में नामांकन नहीं लेने व 8500 रुपये का मामला है. कृष्णा का बयान हू-ब-हूकृष्णा ने कहा : जब मैं नामांकन कराने गया था, तब मेरे थैले को देख कर प्राचार्य ने पूछा क्या है. मैंने सर्टिफिकेट दिखाया, तो उसे ले लिये और बोले बाद में ले लेना. इसके बाद कई बार सर्टिफिकेट मांगने गया, लेकिन नहीं मिला. लोहरदगा में बहाली के लिए वेकेंसी आयी थी. जिसे भरने के लिए सर्टिफिकेट की जरूरत थी. जब वह मांगने गया तो नहीं दिये. ऐसे कृष्णा का यह बयान भी अभी तक भ्रामक बताया जा रहा है. हत्या को छात्रावास से न जोड़ेंसरना प्रार्थना सभा की राष्ट्रीय प्रचारिका चिंतामनी उरांव ने कहा कि कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य की हत्या निंदनीय घटना है. हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लेकिन प्राचार्य की हत्या को छात्रावास से जोड़ना गलत है. हत्यारा कृष्णा उरांव है. वह पकड़ा गया है. पुलिस के सामने उसने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है. लेकिन एक छात्र की सजा पूरे छात्र को देना उचित नहीं है. कृष्णा को पहले ही छात्रावास से निकाल दिया गया था. उसका कोई संबंध छात्रावास से नहीं रह गया था. इसलिए अगर छात्रावास को हटाने व छात्रावास के छात्रों को बेवजह परेशान किया जाता है, तो सरना प्रार्थना सभा चुप नहीं बैठेगी. आदिवासी समुदाय आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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