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Giridih News:घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

Updated at : 25 Oct 2024 11:12 PM (IST)
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Giridih News:घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

चिलखारी नरसंहार के 17 वर्ष बीतने के बाद भी आज भी लोग उस काली रात को याद कर सिहर उठते हैं. 26 अक्टूबर 2007 की रात में नक्सलियों ने ली मारकर 20 लोगों की हत्या कर देवरी की धरती को दूसरी बार रक्तरंजित कर दिया था.

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26 अक्तूबर 2007 को नक्सलियों ने 20 लोगों की हत्या की था

मृतकों में बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी भी थे शामिल

चिलखारी नरसंहार के 17 वर्ष बीतने के बाद भी आज भी लोग उस काली रात को याद कर सिहर उठते हैं. 26 अक्टूबर 2007 की रात में नक्सलियों ने ली मारकर 20 लोगों की हत्या कर देवरी की धरती को दूसरी बार रक्तरंजित कर दिया था. बताया जाता है कि गांव के मैदान पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन पर आदिवासी जतरा सोरेन ओपेरा का कार्यक्रम हो रहा था. बोकारो से आये 85 कलाकारों केा जतरा प्रस्तुत कर रहा था. मध्य रात्रि में जब कार्यक्रम चरम पर था, उसी दौरान नक्सलियों के दस्ता ने कार्यक्रम स्थल को घेर लिया और इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना में अगली पंक्ति में बैठे लोग मारे गये थे. मृतकों में पूर्व मुख्य्मंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी, छात्र नेता सुरेश हांसदा, अजय सिन्हा उर्फ पोपट (गिरिडीह), मुन्ना हेंब्रम, (चिलखारी), मनोज किस्कू (दुम्माटांड़) रशिक बासके, दिनेश वर्मा (बदवारा, बेंगाबाद) उसमान अंसारी (एकद्वारी), अनिल अब्राहम मरांडी (करकाटांड़), सुशील सोरेन (पन्ना बिहार), केदार हेंब्रम (महतोधराण), चरकू हेंब्रम, सोनाराम हेंब्रम, दीपक हेंब्रम, सुरेश टुडू, गंगाराम टुडू, अनूप मुर्मू, व दिलखुश सिंह शामिल थे. गोली लगने से गंभीर रूप से घायल दिनेश वर्मा की मौत इलाज के लिए गिरिडीह ले जाने के दौरान रास्ते में हो गयी थी. वहीं एक अन्य घायल पार्वती बास्के (ग्राम लक्षुआडीह) की मौत इलाज के दौरान रांची में हो गयी. इस घटना के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन, तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, तत्कालीन पुलिस महानिदेशक बीडी राम आदि घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के आश्रितों को एक-एक नौकरी, एक-एक लाख रुपये सहित इंदिरा आवास, लाल कार्ड व चिलखरियोडीह में एक स्टेडियम का निर्माण करवाने की घोषणा की गयी थी. ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि नौकरी व मुआवजा राशि को छोड़ अन्य घोषणा अभी पूरी नहीं हुई. स्टेडियम निर्माण की भी पहल नहीं की गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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