ईरान-अमेरिका तनाव: IRGC ने दी ‘सरप्राइज’ की चेतावनी, ट्रंप ने तैयार किया घेराबंदी का नया प्लान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. क्रेडिट- एक्स /@WhiteHouse.
Iran-US Maritime Tensions: ईरान और अमेरिका के बीच समंदर में जंग जैसे हालात बन गए हैं. IRGC नेवी ने अमेरिका को नए ‘सरप्राइज टैक्टिक्स’ की चेतावनी दी है, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की आर्थिक घेराबंदी के लिए कड़े सैन्य ब्लॉकेड का मास्टरप्लान तैयार किया है. खाड़ी देशों ने भी अब ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
Iran-US Maritime Tensions: ईरान की सेना (IRGC) ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि अगर उसने कोई भी गलती की, तो उसे ऐसे ‘सरप्राइज’ मिलेंगे जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी. प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC नेवी के पॉलिटिकल अफेयर्स डिप्टी मोहम्मद अकबरजादेह ने साफ कहा है कि उनके पास अमेरिका के लिए कुछ अनोखे और अनकंवेंशनल तरीके तैयार हैं. ईरान का कहना है कि उन्होंने अपनी नेवी को पूरी तरह मॉडर्न बना लिया है और वे किसी भी बाहरी दखल का जवाब देने के लिए तैयार हैं.
ट्रंप ने ईरान के ऑफर को किया रिजेक्ट
प्रेस टीवी की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की बातचीत की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान ने मिडिल ईस्ट में सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन वे न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइल तकनीक पर बात को टालना चाहते थे. ट्रंप का कहना है कि जब तक परमाणु मुद्दे पर सीधी बात नहीं होगी, कोई डील नहीं होगी. ट्रंप के मुताबिक ईरान की हालत खराब है और वह जल्द से जल्द होर्मुज के रास्ते को खुलवाना चाहता है.
दुनिया को बंधक बना सकता है ईरान: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए, तो पूरी दुनिया उसके सामने बेबस हो जाएगी. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस बीच पाकिस्तान से लेकर रूस तक (जहां उन्होंने पुतिन से मुलाकात की) समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, सऊदी अरब में हुई गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की मीटिंग में खाड़ी देशों ने ईरान की हरकतों का विरोध किया है. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई में इन देशों ने कहा कि होर्मुज के रास्ते को बंद करना गैरकानूनी है.
GCC ने बनाया मिलिट्री इंटीग्रेशन का प्लान
सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत और यूएई जैसे देशों ने मांग की है कि समंदर में जहाजों की आवाजाही पहले की तरह सुरक्षित होनी चाहिए. इन देशों ने अब आपस में मिलकर एक ‘बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग सिस्टम’ बनाने का फैसला किया है ताकि किसी भी हमले से बचा जा सके. खाड़ी देश अब अपनी मिलिट्री को एक-दूसरे के साथ जोड़ने पर जोर दे रहे हैं.
ईरान की नाकेबंदी की तैयारी
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अब ईरान को आर्थिक रूप से पूरी तरह तोड़ने की तैयारी में है. रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका अब ईरान पर बम गिराने के बजाय उसकी समुद्री नाकेबंदी करने का प्लान बना रहा है. इस स्ट्रैटेजी का मकसद ईरान के तेल एक्सपोर्ट को पूरी तरह रोक देना और उसके बंदरगाहों तक किसी की पहुंच न होने देना है. अमेरिका इसे कम जोखिम वाला और ज्यादा असरदार तरीका मान रहा है.
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By Govind Jee
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